कार्यकर्ता की गाड़ी में थे विधायक, कटवाया चालान, हो गया तबादला

एनसीआई @ जयपुर/चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़ की उपखण्ड अधिकारी आईएएस तेजस्‍वी राणा का तबादला राजनीतिक हलकों में गर्मा गरम चर्चा का विषय बन गया है। तेजस्‍वी राणा ने लाॅक डाउन का उल्लंघन करने वाले एक कांग्रेस विधायक के कार्यकर्ता की गाड़ी का चालान काटा था। विधायक खुद उस गाड़ी में बैठे हुए थे। इसके कुछ ही घंटे बाद राणा का स्थानांतरण आदेश आ गया। सरकार की इस कार्रवाई को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दुर्भाग्यपूर्ण कहा है। वहीं राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने आरोप लगाया है कि सरकार अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को निशाना बना रही है।
केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस से लड़ने में हमारे प्रशासनिक अधिकारी जी जान से अपना दायित्व निभा रहे हैं, लेकिन चित्तौड़गढ़ में लॉक डाउन का सख्ती से पालना करा रही कोरोना योद्धा महिला अधिकारी आईएएस तेजस्‍वी राणा का राजनीतिक कारणों से स्थानांतरण होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
शेखावत ने कहा कि राजस्थान सरकार भले ही इसका कोई भी कारण बताए, लेकिन महिला अधिकारी का स्थानांतरण घटना के दूसरे ही दिन हुआ है। इससे राज्य सरकार की मानसिकता उजागर होती है। इससे कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि सरकार अच्छा काम कर रहे अधिकारियों और लोगों को निशाना बना रही है। ऐसा जयपुर में भी किया गया जहां राशन वितरण में लगे सिविल डिफेंस के लोगों से काम छीन कर दूसरे लोगों को दे दिया गया।
यह था मामला
राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात चित्तौड़गढ़ उपखंड अधिकारी पद पर तैनात तेजस्वी राणा का तबादला संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी के पद पर कर दिया। इसके बाद ही इस मामले ने तूल पकड़ लिया। इसका कारण यह था कि मंगलवार को ही तेजस्वी राणा ने लॉक डाउन में मुख्य बाजार से गुजर रहे बेगूं विधायक राजेन्द्र सिंह विधूड़ी के कार्यकर्ता की गाड़ी का चालान काट दिया था। विधूड़ी अपने कार्यकर्ता कान सिंह भाटी के साथ इस गाड़ी में चित्तौड़गढ़ फोर्ट से सर्किट हाउस लौट रहे थे। गाड़ी को कान सिंह ही चला रहे थे। मुख्य बाजार में जब एसडीएम ने गाड़ी रुकवाकर कान सिंह से लाइसेंस मांगा तो वह उनके पास नहीं मिला। इस पर राणा ने गाड़ी का चालान कटवा दिया। इसी दिन राणा सब्जी मंडी पहुंचीं और सोशल डेस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं करने पर व्यापारियों को डांट-फटकार लगाई। इन दोषी व्यापारियों ने जब पास दिखाए तो राणा ने उनके पास फाड़ दिए थे। माना जा रहा है कि इन घटनाओं के बाद ही तेजस्वी राणा का तबादला किया गया।

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