20 लाख करोड़ की पांचवी किश्त: गरीब, स्वास्थ्य व शिक्षा पर रहा फोकस, कम्पनियों को भी दी कई रियायतें

एनसीआई  @ नई दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 20 लाख करोड़ रुपए के घोषित आर्थिक पैकेज की पांचवी और अंतिम किश्त का ब्योरा देश के सामने पेश किया। जानिये इसका विवरण-

अप्रेल में राज्यों को 46038 करोड़ रुपए दिए
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों के सामने राजस्व की कमी की चुनौती है। इसलिए केन्द्र सरकार लगातार राज्य सरकारों की सहायता कर रही है, जिससे वे करोना कि लड़ाई लड़ सकें। उन्होंने बताया कि अप्रेल महीने में राज्यों को 46038 करोड़ रुपए दिए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को करोना से लड़ने के लिए 4113 करोड़ रुपए दिए। 12390 करोड़ राजस्व घाटा ग्रांट समय पर राज्यों को दिए गए। स्टेट डिजास्टर रिलीज फंड के तहत अप्रेल के पहले सप्ताह में 11092 करोड़ रुपए राज्यों को दिए गए। सरकार ने राज्यों को जीडीपी के पांच फीसद के बराबर कर्ज उठाने की मंजूरी दी।
पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज पॉलिसी
आत्मनिर्भर भारत के लिए पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज पॉलिस। इस पॉलिसी के तहत सभी सेक्टर्स को निजी क्षेत्र के लिए खोला जाएगा। इसके लिए सरकार एक नई नीति लाएगी। इसके तहत कुछ सेक्टर्स को स्ट्रेटिजक सेक्टर के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। अधिसूचित स्ट्रेटिजिक सेक्टर में कम से कम एक पब्लिक सेक्टर कम्पनी रहेगी, लेकिन निजी क्षेत्रों को भी इस सेक्टर में शामिल किया जाएगा। अन्य सेक्टर्स में सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों का निजीकरण किया जाएगा। हालांकि, इस बारे में उचित समय को देखते हुए फैसला किया जाएगा। स्ट्रेटिजिक सेक्टर में चार से अधिक पब्लिक सेक्टर कम्पनियां नहीं होंगी। चार से अधिक पब्लिक सेक्टर अगर किसी स्ट्रेटिजिक सेक्टर में हैं तो उनका विलय किया जाएगा।
छोटी तकनीकी प्रक्रियात्मक चूक को अपराध से बाहर किया जाएगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि छोटे तकनीकी प्रक्रियात्मक चूक को अपराध से बाहर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यौगिक जुर्म में 18 सेक्शन से बढ़ाकर 58 सेक्शन कर दिए गए हैं। इससे कम्पनी को तंग किया जाना कम होगा। इससे अदालतों पर बोझ कम होगा और कम्पनियों कि उत्पादकता बढ़ेगी।
निजी कम्पनियों के लिए कारोबार सुगमता
अब देश की कम्पनियां अपने प्रतिभूतियों को मंजूरी वाले विदेशी बाजारों में सीधे लिस्ट कर पाएंगी। आईबीसी से जुड़े मामलों को लेकर वित्त मंत्री ने अहम घोषणा की। दिवाला प्रक्रिया शुरू करने के लिए थ्रेसहोल्ड को एक लाख रुपए से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए किया जाएगा।
बकाया कर्ज डिफॉल्ट में शामिल नहीं होगा
कोरोना वायरस की वजह से बकाया कर्ज को डिफॉल्ट में शामिल नहीं किया जाएगा। अगले एक साल तक कोई भी नई इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी। एमएसएमई के लिए विशेष दिवालिया समाधान ढांचा को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा।
तकनीकी आधारित शिक्षा को बढ़ावा
वित्त मंत्री ने बताया कि तकनीकी आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। पीएम ई विद्या प्रोग्राम की शुरुआत की जाएगी। यह ऑनलाइन एजुकेशन के लिए होगा। वन नेशन वन डिजिटल प्रोग्राम आएगा। 1 से 12 तक की कक्षाओं के लिए हर क्लास के लिए एक चैनल लॉन्च होगा। कम्युनिटी रेडियो का भी सदुपयोग किया जाएगा। स्पेशल ई कंटेंट आएगा दिव्यांग बच्चों के लिए। साथ ही उन्होंने बताया कि टॉप 100 विश्वविद्यालयों द्वारा ऑनलाइन ऑटोमेटिक कोर्सों की शुरुआत की जाएगी। मानसिक सपोर्ट के लिए मनो दर्पण प्रोग्राम आएगा। उन्होंने कहा कि करोना काल में शिक्षा के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है। एयर एजुकेशनल वीडियो कंटेंट बढ़ा है। कोविड-19 को लेकर लागू लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन एजुकेशन को लेकर सरकार ने कई तरह के उपाय किए हैं। सरकार ने स्वयं प्रभा डीटीएच चैनलों के जरिए ऐसे विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में मदद की है, जिनके पास इंटरनेट की पहुंच नहीं है। तीन चैनल पहले से स्कूली शिक्षा के लिए थे। अब 12 और चैनल इस लिस्ट में जोड़े गए हैं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च में बढ़ोत्तरी
सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है। ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी। जिला स्तर के सभी अस्पतालों में संक्रामक बीमारियों के लिए अलग से ब्लॉक बनाया जाएगा। लैब नेटवर्क को बेहतर बनाया जाएगा। महामारी से मुकाबले के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर एकीकृत स्वास्थ्य प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी। वित्त मंत्री ने बताया कि हेल्थ वर्कर्स के लिए 50 लाख के बीमा की व्यवस्था की गई है। उन्हें सुरक्षा देने के लिए महामारी एक्ट में बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि 300 से अधिक घरेलू निर्माता अभी पीपीई के है, जबकि करोना वायरस से पहले एक भी घरेलू निर्माता नहीं था। उन्होंने बताया कि अब तीन लाख से अधिक पीपीई देश में बनाई जा रही है।
मनरेगा के लिए अतिरिक्त 40 हजार करोड़ रुपए
मनरेगा के लिए बजट आवंटन में 40 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोत्तरी की जाएगी। इससे गांवों को लौट रहे प्रवासी मजदूरों को अधिक काम मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कोविड-19 के लिए 15 हजार करोड़ रुपए की घोषणा
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कई तरह के उपाय किए हैं। कोविड-19 के लिए 15 हजार करोड़ रुपए की घोषणा सरकार ने की थी। इसमें से 4,113 करोड़ रुपए राज्यों को रिलीज किए जा चुके हैं। आवश्यक वस्तुओं के लिए 3,750 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। टेस्टिंग लैब्स और किट्स के लिए 550 करोड़ रुपए का प्रावधान केन्द्र सरकार कर चुकी है। वित्त मंत्री ने बताया कि संकट में अवसर देखने का काम सरकार कर रही है। उसकी रूपरेखा आत्मनिर्भर भारत पैकेज में रखी गई है।
80 करोड़ लोगों को मुफ्त में खाद्यान्न
वित्त मंत्री ने बताया कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में खाद्यान्न सरकार ने दिया है। डीबीटी के जरिए उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को फायदा पहुंचाया गया है। 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के लिए 35 करोड़ खाद्यान्न के लिए अलग से खर्च किए हैं। 86 हजार करोड़ के लोन किसानों को दिए गए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि 12 लाख ईपीएफओ मेम्बर्स ने ऑनलाइन निकासी की सुविधा का फायदा उठाया। 2.02 निर्माण से जुड़े मजदूरों को सीधी मदद पहुंचाई गई। वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम गरीब कल्याण योजना द्वारा तकनीक के इस्तेमाल से सीधे जरूरतमंद लोगों के खातों में मदद पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने 8.19 करोड़ किसानों के खातों में 2000 रुपए पहुंचाए गए। उन्होंने कहा कि 20 करोड़ जन धन खातों में सीधी मदद पहुंचाई गई।

पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत 20 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के अकाउंट में सीधी मदद भेजी गई। साथ ही निर्माण से जुड़े श्रमिकों के अकाउंट में भी सरकार ने पैसे डाले। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किया गया। वित्त मंत्री ने रविवार को अपने सम्बोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंगलवार को राष्ट्र के नाम सम्बोधन में कही गई बात से की। सीतारमण ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी, लॉ जैसी चीजों बल दिया गया है, जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा था।
वित्त मंत्री की अब तक की गई बड़ी घोषणाएं इस प्रकार हैंः-

1. रक्षा उत्पादन में ऑटोमैटिक रूट से एफडीआई की सीमा में वृद्धि

वित्त मंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 49 फीसद से बढ़ाकर 74 फीसद किया जाएगा। इसके अलावा देश को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ पर जोर दिया जाएगा। सीतारमण ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के निगमीकरण की भी घोषणा की। निगमीकरण के जरिए ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कामकाज को बेहतर बनाया जाएगा।

2. कोयला क्षेत्र में देश को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर

देश को कोयला उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके लिए रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर खनन का कॉमर्शियल लाइसेंस दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि कोयला क्षेत्र से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए लगभग 50 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

3. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में होगा संशोधन

वित्त मंत्री ने इससे पहले एलान किया था कि आवश्यक वस्तुओं से जुड़े कानून में संशोधन किया जाएगा। इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा। संशोधनों के जरिए अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दाल, प्याज और आलू जैसे कृषि उत्पादों के दाम को डिरेगुलेट करने की है तैयारी।

4. 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को दो माह तक निःशुल्क अनाज

सरकार ने करीब 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को अगले दो माह तक निःशुल्क अनाज देने की घोषणा गुरुवार को की। वित्त मंत्री ने एलान किया कि ऐसे आठ करोड़ प्रवासी श्रमिकों को अगले दो माह तक मुफ्त में अनाज दिया जाएगा, जिनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है। सरकार इस स्कीम के तहत श्रमिकों को प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम अनाज और प्रति परिवार एक किलोग्राम चना प्रति माह के हिसाब से देगी।

5. 2.5 करोड़ किसानों को दी जाएगी केसीसी

वित्त मंत्री ने इससे पहले घोषणा की थी कि आने वाले दिनों में देश के 2.5 करोड़ किसानों को क्रेडिट कार्ड दिए जाएंगे। सरकार ने केसीसी के जरिए 2 लाख करोड़ रुपए का लोन वितरण करने की घोषणा की है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि पिछले 2 माह में ही 25 लाख किसानों को केसीसी जारी कर दिए गए हैं।

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