हम जानते थे कि वो(पायलट) निकम्मा है, नकारा है: गहलोत

मुख्यमंत्री गहलोत होटल फेयरमोंट से अपने आवास के लिए निकले। इस दौरान बीच में रुककर उन्होंने मीडिया से बात की और सचिन पायलट पर निकाला जमकर गुस्सा
एनसीआई @ जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को सचिन पायलट के खिलाफ अभी तक के सबसे कठोर शब्द कहे। उन्होने कहा कि, ‘सचिन पायलट ने बहुत गंदा खेल खेला है। सचिन पायलट पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पूरा विश्वास था। जिस पर वो खरे नहीं उतरे। कम उम्र में उन्हें केन्द्रीय मंत्री बनाया। वे पीसीसी चीफ थे। उप मुख्यमंत्री का पद था। इतनी कम उम्र मे ही उन्हें ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। 7 साल से पीसीसी चीफ बदलने की मांग नहीं उठी। किसी ने पायलट के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। एक छोटी खबर भी नहीं पढ़ी होगी किसी ने कि पायलट साहब को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के पद से हटाना चाहिए। हम जानते थे कि वो (सचिन पायलट) निकम्मा है, नकारा है, कुछ काम नहीं कर रहा है, खाली लोगों को लड़वा रहा है।


उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री गहलोत होटल फेयरमोंट से अपने आवास जाने के लिए निकले थे। इस दौरान बीच में रुककर उन्होंने मीडिया से बात की और सचिन पायलट पर जमकर बरसे। गहलोत ने कहा कि सचिन पायलट ने बहुत गंदा खेल खेला है। हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी 50-50 लाख रुपए फीस लेते हैं। पायलट कहां से दे रहे। मैं पहले भी कहता रहा हूं कि कॉन्सपिरेसी चल रही है। किसी को यकीन नहीं होता था। यह तो 10 मार्च को ही खेल होता। 11 मार्च को उन्हें मानेसर जाना था। मुम्बई के कुछ बड़े कॉर्पोरेट हाउस इन्हें फंडिंग कर रहे हैं। पायलट के लिए कहा कि, मासूम चेहरा है, हिन्दी-इंग्लिश पर अच्छी कमांड है, पूरे देश की मीडिया को इंप्रेस कर रखा था।
रातों को छुपकर दिल्ली जाते थे पायलट
मुख्यमंत्री ने अपने आरोपों की बौछार जारी रखते हुए कहा कि, सतीश पूनिया और राजेन्द्र राठौड़ रात को मानेसर होटल में जाकर विधायकों से मिले। रातों-रात लौट आए और सुबह मीडिया से कहते हैं कि वह तो मानेसर गए ही नहीं, यहीं हैं। पायलट भी जयपुर से छुपकर दिल्ली जाते थे। खुद गाड़ी चलाकर दिल्ली जाते थे। वही काम भाजपा के नेता भी कर रहे हैं। वहां, सभी के मोबाइल ले लिए गए। हमारे लोग तो फ्री हैं। उन्हें बंधक बना दिया। वहां के नाई से फोन लेकर बात कर हैं। रो रहे हैं। कोई कह रहा है कि वेटर से फोन लेकर बात कर रहा हूं।
कांग्रेस अपना असेट्स समझती थी
गहलोत ने आगे कहा कि, ‘जिस रूप में ये खेल खेला गया है। ये दुर्भाग्यपूर्ण है। वो भी नौजवान साथी। उनसे उम्मीद थी कि कांग्रेस का असेट्स साबित होगा। उस आदमी ने बाउंसर लगा रखे हैं। किसी को बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा। इस तरह का खेल चल रहा है। इस बात का दुख है कि कोरोना काल में आप इस तरह की हरकत कर रहे हो।
मलिंगा जैसे कई लोग
गहलोत ने विधायक गिर्राज मलिंगा के द्वारा सचिन पायलट पर उन्हें 35 करोड़ रुपए का ऑफर देने के लगाए आरोप पर कहा कि, कुछ जिम्मेदारी पायलट की थी। मलिंगा जैसे कई लोग मिल जाएंगे। थोड़ी रिसर्च करेंगे तो हिन्दुस्तान की आंखें खुल जाएंगी। फ्लोर टेस्ट को लेकर सीएम ने कहा-सब कुछ होगा, कोर्ट का फैसला आने दीजिए। विधानसभा भी चलेगी, सत्यमेव जयते होगा।

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