राजस्थान: राजभवन ने नए सवालों के साथ लौटाई फाइल, कांग्रेस की राह में और भी कांटे पैदा हुए

एनसीआई @ जयपुर
राज्य का राजनीतिक संकट अभी खत्म और लम्बा चलने की आशंका गहरा गई है। सरकार की ओर से विधान सभा सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को रविवार रात भेजे गए संशोधित प्रस्ताव की फाइल राजभवन ने कुछ और सवालों के साथ सोमवार सुबह सरकार को लौटा दी है। आज के घटनाक्रम में हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सुप्रीम कोर्ट स्पीकर सीपी जोशी की सचिन पायलट खेमे के विधायकों को भेजे गए नोटिस के मामले पर सुनवाई करेगा। दूसरी और, राजस्थान हाईकोर्ट भाजपा विधायक मदन दिलावर की याचिका पर भी सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ स्पीकर के समक्ष दायर उनकी याचिका में कार्रवाई नहीं होने को चुनौती दी है। वहीं बसपा ने भी इसमें पक्षकार बनने की मांग की है। इसके अलावा बसपा ने एक बड़ा दांव खेलते हुए कांग्रेस में शामिल हो चुके बसपा के सभी 6 विधायकों को कांग्रेस के पक्ष में मतदान नहीं करने का व्हिप जारी कर दिया है।
दिलावर की याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट के जस्टिस महेन्द्र गोयल सुनवाई करेंगे। इसमें विधानसभा स्पीकर, सचिव सहित बसपा के छहों एमएलए को भी पक्षकार बनाया गया है।
दिलावर के वकील आशीष शर्मा के अनुसार प्रार्थी ने स्पीकर के यहां चार महीने पहले मार्च 2020 में बसपा एमएलए लखन सिंह (करौली), राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (उदयपुरवाटी), दीपचंद खेड़िया (किशनगढ़ बास), जोगेन्दर सिंह अवाना (नदबई), संदीप कुमार (तिजारा) और वाजिब अली (नगर भरतपुर) के कांग्रेस में विलय के खिलाफ स्पीकर को शिकायत की थी।
साथ ही, स्पीकर से आग्रह किया था कि वे इन छह एमएलए को दल-बदल कानून के तहत राजस्थान विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करें। लेकिन, स्पीकर ने शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
*देशभर में राजभवन के सामने होंगे प्रदर्शन
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सोमवार को कांग्रेस की सेव डेमोक्रेसी सेव कॉन्सटीट्यूशन मुहीम के तहत देशभर में राजभवन के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। राजस्थान में मगर ऐसा प्रदर्शन नहीं होगा।
ऐसे चला घटनाक्रम
14 दिन पहले नोटिस देने से शुरू हुआ विवाद
14 जुलाई : स्पीकर जाेशी ने पायलट सहित 19 विधायकों को अयोग्यता का नोटिस दिया, 17 जुलाई तक जवाब मांगा।
16 जुलाई : नोटिस के खिलाफ पायलट सहित 19 विधायक हाईकोर्ट में गए। मुख्य सचेतक महेश जाेशी ने कैविएट लगा दी।
17 जुलाई : हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सुनवाई की और मामला खंडपीठ में भेजा। खंडपीठ ने 18 जुलाई काे सुनवाई तय की।
18 जुलाई : खंडपीठ ने अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की और स्पीकर से कहा कि वे 21 जुलाई तक नोटिस पर कार्रवाई न करें।
20 जुलाई : बहस पूरी नहीं हुई, 21 जुलाई को भी सुनवाई।
21 जुलाई : हाईकोर्ट ने फैसला 24 जुलाई के लिए सुरक्षित रख लिया। स्पीकर को भी कोई निर्णय नहीं करने के लिए कहा।
22 जुलाई : हाईकोर्ट के दखल पर स्पीकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
23 जुलाई : सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हाईकोर्ट का फैसला आने दीजिए। यह हमारे फैसले के अधीन रहेगा।
24जुलाई : हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी काे सचिन पायलट सहित कांग्रेस के 19 बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई से अभी राेक दिया। हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए।

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