जल्दी ही देखने को मिलेगी फिल्म ‘लव यू पप्पू’, राहुल के पूर्व करीबी ने बनाई

एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
कुछ समय पूर्व तक राहुल गांधी के सलाहकारों की टीम में शामिल रहे, मीडिया देखते रहे, उन्हीं पंकज शंकर ने ‘लव यू पप्पू’ नाम से फिल्म बनाकर उन्हीं की कार्यशैली पर तगड़े कटाक्ष किए हैैं। यह अक्टूबर में ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही है। इस कॉमेडी फिल्म में उस समय तो दर्शक हंसते-हंसते लोटपोट ही हो जाएंगे, जब वह देखेंगे कि महात्मा गांधी राहुल गांधी से मिलने उनके दफ्तर पहुंचते हैैं, तो उनसे विजिटिंग कार्ड मांगा जाता है।


मूल रूप से पटना निवासी (अब फरीदाबाद, हरियाणा में) पंकज शंकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल के नजदीकी सलाहकारों में रहे हैैं। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद राहुल से सम्बन्धों में खटास आने के बाद उन्होंने दूरी बना ली थी। इसके बाद उन्होंने बतौर निर्माता लव यू पप्पू के नाम से यह दो घंटे की फिल्म बनाई है। फिल्म में हेड ऑफ प्रोडक्शन की भूमिका अमरोहा के आदिल की रही है। आदिल ने बताया कि पंकज शंकर की राहुल गांधी से बहुत नजदीकी रही है, इसलिए उन्होंने फिल्म में राहुल को लेकर काफी सामग्री दी। फिल्म के केन्द्र बिंदु में बतौर पप्पू की मुख्य भूमिका तृष्णा भट्ट निभा रहे हैं।
यह है फिल्म की कहानी
आदिल इस फिल्म की थीम के बारे में जानकारी देते हुए बताते हैैं कि राहुल गांधी की एक महिला फैन सियासत में उनका उज्ज्वल भविष्य चाहती है। इसके लिए बड़े ज्योतिषी से सम्पर्क करती है। ज्योतिषी इसके लिए उन्हें एक अनुष्ठान करने की सलाह देते हुए भरोसा दिलाते हैं कि इससे उनके राजनीतिक सितारे बुलंदी पर पहुंच जाएंगे। इस अनुष्ठान के लिए के राहुल गांधी की मौजूदगी आवश्यक बताई गई। परन्तु, हर प्रयास के बावजूद उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया। आखिर में ज्योतिषी कहते हैैं कि राहुल के जन्म के वक्त के समय वाले दूसरे व्यक्ति की तलाश कर ली जाए, उसी से काम चल जाएगा। इस पर खासी मशक्कत के बाद पप्पू नाम का ऐसा व्यक्ति ऋषिकेश में मिला। उसे लेकर कई अनुष्ठान किए गए। लव यू पप्पू फिल्म में एक सीन सपने से जुड़ा हुआ भी है। इसमें दिखाया जाता है कि महात्मा गांधी भी राहुल से मिलना चाहते हैैं। इसलिए वह राहुल के कार्यालय पहुंचते हैैं। मगर वहां उनके सहायक महात्मा गांधी को राहुल से मुलाकात कराने से मना कर देते हैं। गांधी जी बताते हैैं कि उन्होंने पहले ही अप्वाइंटमेंट ले रखा है, लेकिन, इस बात को नहीं माना जाता। इस पर निराश होकर गांधी जी वहां से लौटने लगते हैैं, इसी बीच राहुल के निजी सचिव कहते हैैं कि विजिटिंग कार्ड दे दीजिए। यह सुनकर गांधी जी उसे अचम्भे से देखने लगते हैैं। आखिर लौट जाते हैैं। समझा जाए तो इस फिल्म में यह दिखाने का भी प्रयास किया गया है कि राहुल के हित का काम होने पर भी उनके नजदीकियों की उन तक पहुंच कितनी मुश्किल होती है। फिल्म अपरोक्ष रूप से राहुल के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती है।
सीधे तौर पर नाम का प्रयोग कम
फिल्म में सीधे तौर पर राहुल गांधी के नाम का प्रयोग कम ही किया गया है। आदिल कहते हैं कि दो घंटे की इस फिल्म में कई दृश्यों पर दर्शक ठहाके नहीं रोक पाएंगे।
राहुल को आइना दिखाने का प्रयास
लव यू पप्पू के निर्माता पंकज शंकर के अनुसार इस फिल्म के जरिये उन्होंने राहुल गांधी को आइना दिखाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से ही वह राजीव गांधी से प्रेरित थे। वर्ष 2004 में लोकसभा चुनाव से वह राहुल व प्रियंका के साथ रहे। राहुल की गलत रणनीति के चलते पिछले दो लोकसभा चुनावों में कांंग्रेस ने मुंह की खाई। कुछ लोगों के बीच घिरे राहुल हकीकत समझने को तैयार नहीं हैं। मुद्दों से भटककर मजाक बन रहे हैं। पंकज शंकर बोले, उम्मीद है कि इस फिल्म को देखकर राहुल में बदलाव आए। वहीं राजनीति में सक्रिय होने की सम्भावना से उन्होंने साफ इनकार कर दिया।

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