चुनाव से ठीक पहले लालू-तेजस्वी को लगा बड़ा झटका

74 वर्षीय वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने अस्पताल से ही भेजा इस्तीफा, पार्टी में धन कुबेरों को राज्यसभा चुनाव में प्राथमिकता देने और उनके वैशाली ज़िले में पूर्व सांसद रमा सिंह के शामिल कराए जाने से चल रहे थे खफा


एनसीआई@पटना/सेन्ट्रल डेस्क
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी)के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने आख़िरकार लालू यादव की पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया। अपने हाथ से लिखे इस्तीफे में रघुवंश प्रसाद ने पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष लालू यादव को लिखा कि, 32 सालों तक आपके पीछे खड़ा रहा, लेकिन अभी नहीं। फ़िलहाल दिल्ली एम्स में इलाज करवा रहे रघुवंश प्रसाद सिंह ने लिखा कि पार्टी नेता, कार्यकर्ता और आमजनों ने मुझे बड़ा स्नेह दिया, मुझे क्षमा करें। इस पत्र के शब्दों से साफ है कि रघुवंश प्रसाद अब अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के मूड में नहीं हैं।
पार्टी प्रमुख को लिखे रघुवंश प्रसाद के इस पत्र
से माना जा रहा है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही रघुवंश प्रसाद नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में शामिल हो जाएंगे। रघुवंश प्रसाद सिंह पार्टी में धन कुबेरों को राज्यसभा चुनाव में प्राथमिकता देने और उनके वैशाली जिले में पूर्व सांसद रमा सिंह के शामिल कराए जाने के कारण ख़फ़ा चल रहे थे। 74 साल के रघुवंश प्रसाद पार्टी में उपाध्‍यक्ष का पद संभाल रहे थे। केन्द्र सरकार में मंत्री भी रह चुके रघुवंश लालू के बेहद भरोसेमंद नेता माने जाते थे।
उल्लेखनीय है कि रघुवंश प्रसाद इस समय पार्टी का जिस तरह से संचालन किया जा रहा है, उससे खुश नहीं हैं। इस बारे में उन्‍होंने साल की शुरुआत में ही लालू प्रसाद यादव को पत्र लिख दिया था। लालू प्रसाद को लिखे एक पत्र में रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बहाल करने के अलावा पार्टी को और अधिक आक्रामक बनाने का सुझाव दिया था। पत्र को पढ़ने से दो बातें साफ़ होती हैं-एक वो राज्य इकाई की कमान संभाल रहे जगदानंद सिंह की कार्यशैली से ख़ुश नही हैं। दूसरा तेजस्वी यादव की राज्य की राजनीति से अनुपस्थिति पर भी उन्होंने अपनी नाराजगी सार्वजनिक की है। रघुवंश ने अपने पत्र में ये भी कहा है कि राज्य सरकर को घेरने के लिए ना कोई ढंग का बयान दिया जाता है और ना ही संवादाता सम्मेलन आयोजित किया जाता है।

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