वसुंधरा राजे को राहत देने के लिए गहलोत सरकार का हाईकोर्ट में शपथ पत्र

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बंगले के सम्बन्ध में गहलोत सरकार की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में अतिरिक्त शपथ पत्र पेश किया गया है। इसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बंगला आंवटित करने के मामले में सफाई पेश करते हुए अवमानना के मामले को खत्म करने का आग्रह किया है।
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान हाईकोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधा और बंगला आंवटित करने के मामले में अब गहलोत सरकार की ओर से अतिरिक्त शपथ- पत्र पेश किया गया है। दरअसल वकील मिलाप चंद डांडिया की ओर से पूर्व में अवमानना याचिका लगाई गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि 4 सितम्बर 2019 को अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधाएं देने के सम्बन्ध में किए गए प्रावधानों को रद्द कर दिया था। लिहाजा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर गहलोत सरकार की ओर से अतिरिक्त शपथ पत्र पेश किया गया है। इसमें सरकार की ओर से यह साफ किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बतौर वरिष्ठ विधायक बंगला दिया गया है।
अवमानना याचिका समाप्त करने का किया आग्रह
राज्य सरकार के मुख्य सचिव राजीव स्वरूप की ओर से अदालत में पेश किए गए अतिरिक्त शपथ पत्र में यह आग्रह किया गया है कि नए तथ्यों को हाइकोर्ट रिकॉर्ड में शामिल करें, ताकि अवमानना याचिका में कार्रवाई को समाप्त किया जा सके। वहीं अदालत की ओर से मामले की सुनवाई आगामी वर्ष 12 जनवरी तक टाल दी है। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सीके सोगनरा की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
शपथ पत्र में सरकार ने दी पूरी सफाई
मुख्य सचिव की ओर से पेश शपथ पत्र में कहा गया कि अदालती आदेश की पालन में राजस्थान मंत्री वेतनमान अधिनियम, 2017 के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी गई सुविधाएं वापस ली जा चुकी हैं। वहीं, गत एक अगस्त को राजस्थान विधानसभा सदस्यों को निवासीय सुविधा नियम,1973 में संशोधन किया गया है। उसी के अनुरूप वसुंधरा राजे को बंगला आंवटित किया गया है। शपथ पत्र में नियमों का हवाला देकर अवमानना कार्रवाई को समाप्त करने का आग्रह किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.