अब डोटासरा की जबान से छलक पड़ा सचिन पायलट वाला दर्द!

राजस्थान में सत्ता और संगठन के बीच समन्वय ना होने की बात लगातार सामने आ रही है। अब ताजा मामला यह है कि पीसीसी के नए चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने मंत्रियों पर संगठन की अनदेखी का आरोप लगाया है। सचिन पायलट भी पहले संगठन और कार्यकर्ताओं की सुनवाई सरकार में ना होने की बात कह चुके हैं। धारीवाल के बंगले पर मास्क लगाने और कोरोना जागरूकता के सम्बन्ध में हुई बैठक में पीसीसी चीफ डोटासरा ने संगठन की अनदेखी के लगाए आरोप। कई अन्य मंत्री भी थे शामिल।


एनसीआई@जयपुर
प्रदेश में भले ही सियासी संकट टल गया हो, लेकिन जिस मुद्दे को लेकर सचिन पायलट बार-बार आरोप लगा रहे थे, वही दर्द अब गोविंद सिंह डोटासरा की जुबान से भी छलक पड़ा है। डोटासरा ने भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मंत्रियों की ओर से अनदेखी करने का आरोप लगा दिया है। राजस्थान पत्रिका के डेली न्यूज में प्रकाशित लीड खबर के अनुसार दरअसल नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के घर पर मंगलवार को कोरोना जागरूकता के सम्बन्ध में बैठक हुई थी। इसमें शिक्षा मंत्री एवं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई मंत्री शामिल हुए थे। लेकिन इस मीटिंग में डोटासरा ने सभी साथी मंत्रियों को खरी-खरी सुनाते नजर आए। साथ ही इस दौरान उन्होंने मंत्रियों पर संगठन की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।
जानिए क्या कहा डोटासरा ने ….
मिली जानकारी के अनुसार मीटिंग के बाद मीडिया को वीडियो और फोटोग्राफ लेने के लिए अंदर बुलाया गया था। इसी दौरान ही वीडियो बनाते हुए डोटासरा का दर्द कैमरे में कैद हो गया। रिपोर्ट के अनुसार इस वीडियो में डोटासरा यह कहते नजर आए कि ‘यार डेढ़ मिनट नहीं निकाल सकते बात करने के लिए …चार- चार बार फोन करने पड़ते हैं। आप लोग पीसीसी की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहां से मेरे पास फोन आते हैं कि साहब हमारी तो कोई सुनवाई नहीं हो रही है। थोड़ा संगठन की भी सुन लिया करो। जब डोटासरा को इस बात की जानकारी हुई कि उनकी बोली बात वीडियो में कैद हो गई है, तो उन्होंने रिपोर्टर से सख्त लहजे में इसे डिलीट करने को कहा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा सवाल तो किया अनसुना
बताया जा रहा है कि इसके बाद जब इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठा, तो मंत्री और पीसीसी चीफ डोटासरा इसे अनसुना करते रहे। वहीं जिस रिपोर्टर के फोन में वीडियो कैद हुआ था, उससे यह कहा गया कि तुम्हारा विशेष खयाल रखूंगा।
सचिन पायलट उठाते रहे हैं सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर साफ हो गया है कि प्रदेश में सत्ता और संगठन के बीच समन्वय का अभाव है। उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले चले सियासी संकट के दौरान भी पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट इस सम्बन्ध में कह चुके हैं कि संगठन और कार्यकर्ता जिनकी मेहनत से सरकार बनी, उनकी नहीं सुनी जा रही है।

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