लॉक डाउन खत्म हुआ है वायरस नहीं, लापरवाह ना बनें: पीएम मोदी

एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाम 6 बजे राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए लोक डाउन के बाद लोगों द्वारा कोविड-19 के निर्देशों के प्रति बढ़ती जा रही लापरवाही पर गहरी चिंता जताई। लोगों से कहा कि जब तक वेक्सीन नहीं आ जाती है तब तक वे ढिलाई ना बरतें।
मोदी ने कहा, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता ने बहुत बड़ा सफर तय किया है। आर्थिक गतिविधियां भी पटरी पर आ रही हैं। लोग अब अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में रौनक लौट रही है। मोदी ने जनता को हिदायत देते हुए कहा कि लॉक डाउन खत्म हुआ है, मगर वायरस खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीयों के सामूहिक प्रयास से भारत आज सम्भली हुई स्थिति में है और हमें इसे बिगड़ने नहीं देना है। भारत में रिकवरी रेट बहुत अच्छा है। देश में दस लाख की आबादी में सिर्फ साढ़े पांच हजार लोगों को कोरोना हुआ है, मगर अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों में ये आंकड़ा पच्चीस हजार के करीब है।
वेक्सीन से पहले कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर ना पड़ने दें
प्रधानमंत्री मोदी ने संत कबीर दास का जिक्र करते हुए कहा कि जब तक पकी फसल घर ना आए तब तक काम पूरा नहीं मानना चाहिए। यानि जब तक सफलता पूरी नहीं मिल जाए तब तक लापरवाही नहीं करनी चाहिए। जब तक वेक्सीन नहीं आ जाती हमें कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई को रत्ती भर भी कमजोर नहीं पड़ने देना है। वर्षों बाद हम ऐसा देख रहे हैं कि मानवता को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। हमारे देश के वैज्ञानिक भी जुटे हुए हैं। हमारे देश में भी कोरोना की वैक्सीन पर कई स्तर पर काम हो रहा है।
कोरोना में लोगों ने सावधानी बतना बंद कर दिया
मोदी ने कहा कि सेवा परमो धरम के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टर, नर्स और हेल्थ वर्कस इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। इन सभी के बीच यह समय लापरवाह होने का नहीं है। हाल के दिनों में हम सबने बहुत सी तस्वीरें, वीडियो देखे हैं, जिनमें साफ दिखता है कि कई लोगों ने सावधानी बरतना बंद कर दिया है या ढिलाई कर रहे हैं। यह बिल्कुल ठीक नहीं है। अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं तो आप अपने आपको अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों को बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं। आप ध्यान रखिए आज अमेरिका हो या यूरोप के दूसरे देश हों, यहां कोरोना के मामले घटने लगे थे, लेकिन अचानक बढ़ने लगे हैं।
भारत और अमेरिका में बड़ा अंतर
मोदी ने कहा कि भारत में प्रति दस लाख पर करीब 5500 लोगों को कोरोना हुआ है, वहीं अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों में यह आकंड़ा 25 हजार के करीब है। भारत में प्रति 10 लाख लोगों में मृत्यु दर 83 है, जबकि अमेरिका, ब्राजील, स्पेन और ब्रिटेन जैसे अनेक देशों में यह आंकड़ा 600 के पार है। दुनिया के साधन सम्पन्न देशों की तुलना में भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का जीवन बचाने में सफल हो रहा है। आज हमारे देशो में कोरोना मरीजों के लिए 90 लाख से ज्यादा बेड की सुविधा है। 12000 से ज्यादा क्वॉरेंटाइन सेंटर है, 2000 से अधिक लैब काम कर रही हैं, जिनमें टेस्ट की संख्या 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएगी।
बाजारों में रौनक लौट रही, लोग घरों से बाहर निकल रहे
राष्ट्र के नाम सम्बोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता कर्फ्यू से लेकर आज तक हम सभी भारतवासियों ने बहुत लम्बा सफर तय किया है। समय के साथ आर्थिक गतिविधियों मे भी धीरे-धीरे तेजी नजर आ रही है। हम में से अधिकांश लोग अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए घरों से बाहर निकल रहे हैं। त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है। लेकिन हमें यह भूलना नहीं है कि भले लॉक डाउन चला गया हो, लेकिन वायरस नहीं गया है। बीते 7-8 महीनों ने सभी लोगों के प्रयास से भारत आज जिस सम्भली स्थिति में है, उसे बिगड़ने नहीं देना है।

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