बू्न्दी: साइनाइड खाने से 25 पशु हुए गम्भीर बीमार, पशुपालन विभाग ने बचाया
एनसीआई@बून्दी
कुंवारती गांव में बुधवार सुबह पशुपालक मुकेश के 25 से अधिक पशुओं की खेत में ज्वार व बाजरा को काटे जाने के पश्चात दोबारा उगने वाले ठूंठों को खाने से तबीयत बिगड़ गई। पशुपालन विभाग की टीम ने समय पर इलाज कर इन्हें बचा लिया।
नोडल अधिकारी डाॅ. रामलाल मीणा ने बताया कि खेत में चरने के लिए छोड़े गए सभी पशु विषाक्त (साइनाइड) से पीड़ित होकर खेत में गिरकर तड़पने लगे। पशुपालक की सूचना पर पशुपालन विभाग के स्थानीय प्रभारी बद्रीलाल ने तुरंत कार्यवाही कर आसपास के अन्य पशुधन सहायकों को बुलाकर उन्हें सूचित किया। इसके बाद निर्देशानुसार पशुओं को सोडियम थायो सल्फेट पिलाकर व बोतल चढ़ाकर, अन्तशिरा द्वारा शुरू कर पशुओं को बचा लिया गया।
डाॅ. रामलाल मीणा ने पशुपालकों को अपने पशुओं को ज्वार व बाजरा के कटे हुए खेत में उग आए ठूंठों को चरने नहीं देने तथा खेतों को जोत देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि साइनाइड एक खतरनाक विष है, जिसके कारण पशु तड़पने लगता है। इसके बाद 10 मिनट से आधे घंटे के भीतर पशु की मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि उपचार के लिए सोडियम थायो सल्फेट का घोल अंतशिरा से व पानी में घोलकर पिलाते हैं। लकड़ी का कोयला पीसकर व राख को छाछ में मिलाकर पिलाने से भी कम बीमार पशुओं को आराम मिल जाता है।
