राजस्थान: किसानों को राहत देने वाली बड़ी योजना का हुआ शुभारम्भ
आवेदन, म्यूटेशन व ऋण जैसी कार्यवाहियां अब हो सकेगी ऑनलाइन, किसानों को कामकाज के लिए राजस्व कार्यालयों के नहीं लगाने होंगे चक्कर
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान के किसानों को अब सामान्य कामकाज के लिए राजस्व विभाग के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि आज बुधवार को प्रदेश में राजस्व विभाग की योजनाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्व दिवस के अवसर पर जयपुर जिले की 17 तहसीलों के लिए इस योजना का आगाज कर इसकी शुरुआत की। इससे राजस्थान के दूरदराज के गांवों और ढाणियों के किसानों के लिए आज का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। प्रदेश में पहली बार राजस्व दिवस मनाने की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्व दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राजस्व विभाग की इस ऑनलाइन योजना का शुभारम्भ किया।
गहलोत ने यह दिया सम्बोधन
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि ”आजादी के बाद पहली बार राजस्व दिवस मनाया जा रहा है। हर राजस्व दिवस पर अब विभाग का लेखा-जोखा हो सकेगा। 15 अक्टूबर 1955 को खेतीहर मजदूर को मालिक बनाया गया था। एक ही हस्ताक्षर से क्रांतिकारी बदलाव हुआ था प्रदेश में।”
17 तहसीलों में हुआ योजना का शुभारम्भ
कृषि ऋण पोर्टल के जरिए जयपुर जिले की 17 तहसीलों के लिए ऑनलाइन योजनाओं का शुभारम्भ हुआ। कृषि पोर्टल के जरिए अब किसान को आवेदन म्यूटेशन और कर्ज लेने की कार्यवाही के लिए राजस्व कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
गहलोत ने लिया कामकाज का फीडबैक
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीएम ने राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के क्षेत्र बाड़मेर के एसडीएओ, गलियाकोट के पटवारी दिनकर भादरा के तहसीलदार जय कौशिक और उदयपुर के भूअभिलेख निरीक्षक नंदलाल से राजस्व विभाग के कामकाज को लेकर फीडबैक लिया।वहीं, सीएम ने भरतपुर के कलक्टर और सम्भागीय आयुक्त से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार राजस्व दिवस मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए उन्होंने राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा, ‘अब हर राजस्व दिवस पर विभाग के कामकाज का लेखा-जोखा हो सकेगा।’
बीजेपी पर साधा निशाना
सीएम ने कहा कि 15 अक्टूबर 1955 को खेतिहर मजदूर को पहली बार मालिक बनाया गया था। एक हस्ताक्षर से क्रांतिकारी बदलाव राजस्थान में देखने को मिला था, लेकिन अब नई पीढ़ी को यह सब नहीं पता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”जो नए लोग कहते हैं कि 70 साल में क्या हुआ, वे अब पता कर सकते हैं कि 70 साल में क्या हुआ,आज राजीव गांधी के कारण ही ई-लोकार्पण सम्भव हुआ।” इस प्रकार मुख्यमंत्री ने इसका पूरा श्रेय राजीव गांधी को दिया।
गहलोत ने कहा कि, ‘पहले पटवारी चाह कर भी समय पर काम नहीं कर पाता था, लेकिन अब ऑनलाइन सिस्टम से आसानी होगी। गिरदावरी ऑनलाइन हो रही है। जमीन के कागजों के कारण झगड़े मुकदमें होते थे। पीढ़ियां गुजर जाती थीं। न्याय नहीं मिल पाता था, लेकिन अब व्यवस्था में सुधार आएगा।
पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति को मिले लाभ
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिस दिन मुझे विभाग की जिम्मेदारी सौंपी थी, उस दिन उन्होंने सलाह दी थी कि राजस्व विभाग के फैसले से अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को लाभ मिलना चाहिए। विभाग की योजनाओं के ऑनलाइन होने से आम आदमी के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। अब किसानों को भी सुविधाएं ऑनलाइन मिल सकेंगी।
मंत्री भंवर सिंह भाटी ने ऑनलाइन सेवाओं के शुरू होने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा, ‘राजस्व विभाग की इस पहल से प्रदेश में किसानों के लिए एक नई क्रांति की शुरुआत हुई है। विभाग की योजनाओं के ऑनलाइन होने से ना केवल सरकारी सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकेगा, बल्कि जमीन से जुड़े विवादों के चलते बदलने वाले सामाजिक ताने-बाने को भी ठीक करने में मदद मिलेगी।
