पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया, बाल पकड़कर खींचा
एनसीआई@मुम्बई
आत्महत्या के एक पुराने केस में महाराष्ट्र की रायगढ़ पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आज सुबह करीब साढ़े छह बजे उनके घर में जबरदस्ती घुस उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उन्हें बाल पकड़कर खींचते हुए, अभद्रता करते हुए अपनी गाड़ी में बिठा कर ले गई। अर्नब गोस्वामी को महाराष्ट्र सीआईडी ने 2018 में इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक की आत्महत्या की जांच के नाम पर गिरफ्तार किया है। अर्णब को अलीबाग ले जाया गया है। यह जानकारी एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने दी है।
वहीं, अर्णब गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके साथ हाथापाई की है। रिपब्लिक टीवी चैनल पर पुलिस गोस्वामी के घर के अंदर घुसती दिख रही है और झड़प भी हो रही है। फिलहाल, इस खबर के साथ ही हैशटैग #ArnabGoswami ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा है।
अर्णब गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके ससुर, सास, बेटे और पत्नी के साथ मारपीट की है। रिपब्लिक टीवी पर जो वीडियो चल रहे हैं, उसमें दावा किया जा रहा है कि पुलिस अर्णब से बदसलूकी करती दिख रही है।
इस मामले में हुई कार्रवाई
दरअसल, यह मामला मई 2018 का है, जब एक 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक ने अलीबाग में आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद एक सुसाइड नोट मिला था, जो कथिततौर पर अन्वय द्वारा लिखा गया था। इस सुसाइड नोट के अनुसार अर्नब गोस्वामी और दो अन्य ने उन्हें 5.40 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया, जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। हालांकि रायगढ़ पुलिस ने इस मामले में कोई सबूत नहीं मिलने की बात कहते हुए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी।
देश के जाने माने वकील महेश जेठमलानी का इस मामले पर कहना है कि, पहले क्लोज हो चुके मामले में अगर पुलिस वापस जांच भी शुरू करती है तो इस तरह से गिरफ्तारी करना अवैध है। उन्होंने साफ कहा कि, ऐसा मुम्बई पुलिस ने व्यक्तिगत रंजिश के चलते किया है।
