जैन संघटना ऑक्सीजन कंसंट्रेशन मशीनें उपलब्ध कराएगा
एनसीआई@बून्दी
भारतीय जैन संघटना ने देश में बढ़ते कोरोना के मामलों व ऑक्सीजन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए मिशन राहत के तहत 10 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेशन मशीनें विदेशों से आयात करने का निर्णय लिया है। इन मशीनों पर लगभग 50 करोड़ रुपए खर्च होंगे। गत दिनों आयोजित ऑनलाइन मीटिंग में संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष शांतिलाल मूथा ने यह जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि कोरोना की सेकंड लहर बेहद घातक साबित हो रही है। निरंतर बढ़ते मरीजों की संख्या को देखकर सरकार के समक्ष भी चुनौतियां खड़ी हो रही है। इन हालातों में स्वयंसेवी संगठनों का दायित्व बढ़ जाता है कि वह कोरोना वायरस से मरीजों की हर सम्भव मदद करें। मूथा ने कहा कि देशभर में ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों को दम तोड़ते देख भारतीय जैन संघटना मिशन राहत के तहत देशभर में लगभग 10 हजार ऑक्सीजन मशीनें विदेशों से आयात करने जा रही है। बीजेएस के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र लुंकड़ ने बताया कि पहली खेप के रूप में सिंगापुर से 2 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें आगामी दो-तीन दिनों में ही पुणे पहुंच रही हैं। उन्हें देश भर के बीजेएस केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाएगा। देशभर में भारतीय जैन संघटना की लगभग 1000 शाखाओं से हजारों कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं। बीजेएस द्वारा गत वर्ष कोरोना काल में तमिलनाडु, कर्नाटका, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों में 400 मोबाइल मेडिकल वेन चलाई गई थीं, जिससे तकरीबन 26 लाख लोग लाभान्वित हुए थे।
यहां उल्लेखनीय है बीजेएस की बून्दी शाखा द्वारा बून्दी में 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। दानदाताओं व अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से ऑक्सीजन मशीनों की पहली खेप मंगाई जाएगी आक्सीजन की कमी से जूझते मरीजों के लिए ये इलेक्ट्रॉनिक्स मशीनें संजीवनी सी साबित होंगी। बीजेएस सूरत शाखा के अध्यक्ष प्रो. संजय जैन ने कहा कि सूरत में अनेक मरीज हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो जाने के बाद तथा घरों में आइसोलेट हो रहे मरीजों को ऑक्सीजन की बहुत जरूरत रहती है। निर्धारित ऑक्सीजन स्तर बरकरार रखने के लिए सर्वप्रथम ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन या ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता रहती है। ऑक्सीजन सिलेंडर मरीज के परिवार के लिए बोझिल व्यवस्था रहता है। सीमित अवधि में खाली हो जाने पर बार-बार रिफिल कराते रहने के कारण मरीज के परिवारजन अब ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
बीजेएस के राजस्थान प्रदेश मंत्री आदित्य भंडारी ने बताया कि हमने ऑक्सीजन कंसंट्रेट बैंक तैयार करने व इलेक्ट्रॉनिक मशीनें खरीदने के लिए बून्दी व हाड़ोती के सभी सामाजिक संगठनों से बात कर बून्दी व अन्य जिलों में भी मशीन मांगने का प्रयास करेंगे। बीजेएस के द्वारा ये मशीनें न्यूनतम किराये पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस योजना के लिए बून्दी संगठन के महेंद्र हरसौरा, डॉ. पंकज जैन phsyotharpist को प्रोजेक्ट डायरेक्टर बनाया गया। ये ज़्यादा से ज्यादा मशीने मांगने का प्रयास करेंगे।
इस अभियान के शुरू होने के पहले दिन से अच्छा खासा सहयोग मिलने लगा है। 12 कंसंट्रेटर मशीनों का ऑर्डर दे दिया गया है। इसी तरह बून्दी के लोग बढ़-चढ़कर सहयोग करेंगे तो 50 कंसंट्रेटर मशीनों का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त कर लिया जाएगा।
पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस उपाध्यक्ष हरिमोहन शर्मा ने भारतीय जैन संघटना को सहयोग करने की सभी संगठनों से अपील की है।
नगर परिषद की सभापति मधु नुवाल ने भी लोगों से अपील की है कि संगठन का सहयोग करें एवं ज्यादा से ज्यादा कंसंट्रेटर मंगा कर शहर की जनता को लाभान्वित करें।
विधायक अशोक डोगरा ने भी संगठन को यथासंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया है, ताकि बून्दी की जनता को राहत मिल सके।
कोटा की भांति भारतीय जैन संघटना बून्दी ने भी लोगों को राहत देने के लिए ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने की मुहिम छेड़ी है।
