बूंदी: चम्बल की सुरक्षा दीवार मकान पर गिरी, मकान ढहने से 4 बच्चों सहित 7 की मौत, दो भाइयों के परिवार में केवल बड़ा भाई बचा
एनसीआई@बूंदी/कोटा
कोटा सम्भाग के बूंदी जिले में करीब 48 घंटे से लगातार जारी भारी बारिश ने कहर बरपा दिया है। गांवों से लेकर जिला मुख्यालय तक पर कई जगह जल प्लावन के हालात पैदा हो गए हैं। हर जगह खेतों में भारी मात्रा में पानी भर जाने से करोड़ों की फसलें तबाह हो गई हैं। वहीं, जिले के केशवरायपाटन कस्बे में मंगलवार देर रात करीब 3 बजे चम्बल घाट स्थित एक मकान पर चम्बल की सुरक्षा दीवार आ गिरी। इससे मकान के ढह जाने से दो भाइयों के 7 परिजन मलबे में दब गए। इन सभी की मौत हो गई। सातों शवों को निकाल लिया गया था।
इस हादसे की सूचना से पूरे जिलेभर में शोक की लहर है। जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया। दूसरी ओर जिलेभर में लगातार जारी बारिश ने आमजन के साथ जिला व पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। जिला मुख्यालय की कई कॉलोनियों तक में भारी जल प्लावन के हालात हैं।
ऐसे हुआ हादसा
केशवरायपाटन पुलिस उपाधीक्षक नीतिराज सिंह ने बताया कि भारी बारिश के कारण मंगलवार आधी रात के बाद करीब 3 बजे मकान ढहने से यह हादसा हुआ है। उस समय महावीर केवट और उसके छोटे भाई महेन्द्र के परिवार के लोग उसमें सो रहे थे। इसी दौरान मकान के पास बनी नगरपालिका की सुरक्षा दीवार महावीर के मकान पर गिर गई। मकान इस बोझ को नहीं सह पाया और भरभराकर ढह गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। लोगों के मलबे में दबे होने के कारण उन्हें निकालने के लिए तत्काल जेसीबी और अन्य साधन मंगवाए गए। अलसुबह ही जिला कलक्टर आशीष गुप्ता और एसपी शिवराज मीणा भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य तेज करवाया।
महावीर केवट बाहर होने से बच गया
बुधवार दोपहर एक बजे तक मलबे में से सभी सातों शवों को निकाल लिया गया था। वहीं परिवार का मुखिया महावीर केवट की जान बाहर गए होने से बच गई। इस हादसे में जान गंवाने वालों में मीरा बाई, मासूम बच्ची तमन्ना, महेन्द्र, अनिता देवी, दीपिका, खुशी और कान्हा शामिल हैं। इनमें से मीरा महावीर केवट की पत्नी और तमन्ना बेटी थी। महेन्द्र महावीर का छोटा भाई व अनिता महेन्द्र की पत्नी थी। दीपिका, कान्हा और खुशी महेन्द्र के बच्चे थे। मकान का मलबा हटाकर शवों को निकालने का काम करीब दस घंटे चला।
