भारतीय महिला हॉकी टीम ने लिया रियो की हार का बदला, ऑस्ट्रेलिया का ‘घमंड’ तोड़ इतिहास रचा
टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को सेमी फाइनल की रेस से किया बाहर
रियो ओलम्पिक-2016 में टीम इंडिया की हुई थी करारी शिकस्त
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
भारतीय महिला हॉकी टीम टोक्यो ओलम्पिक के सेमी फाइनल में प्रवेश कर चुकी है। रानी रामपाल की कप्तानी वाली इस टीम ने सोमवार को क्वार्टर फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से मौत दे दी। टीम इंडिया पहली बार ओलम्पिक के सेमीफाइनल में पहुंची है।
टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को मात देकर 2016 के रियो ओलम्पिक में मिली हार का बदला भी ले लिया है। भारतीय टीम रियो ओलम्पिक में 12वें स्थान पर रही थी। ग्रुप-बी में उसने अपने पांच मैचों में से 4 गंवाए थे और एक ड्रॉ किया था। तब ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6-1 से मात दी थी। मैच में भारत के लिए एकमात्र गोल अनुराधा थोकचोम ने किया था।
टीम इंडिया ने इस हार से सबक लिया। उसने हाल के दिनों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया। टीम इंडिया ने अगस्त 2019 में टोक्यो ओलम्पिक टेस्ट टूर्नामेंट में उससे 2-2 से ड्रॉ खेला था। सोमवार को हुए मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसने जो किया वो इतिहास बन चुका है।
प्रबल दावेदार के रूप में उतरी थी ऑस्ट्रेलिया
रैंकिंग के हिसाब से दुनिया की चौथे नम्बर की टीम ऑस्ट्रेलिया 10 वें नम्बर की भारतीय टीम के खिलाफ प्रबल दावेदार के रूप में उतरी थी। ऑस्ट्रेलिया ने पूल में अपने सभी मैच जीते थे। उसने 13 गोल किए थे और केवल एक गोल खाया। वहीं भारत ने 14 गोल गंवाए थे और 7 गोल किए थे।
भारत का अंतिम आठ में स्थान ब्रिटेन के पूल-ए के अंतिम मैच में आयरलैंड को 2-0 से हराने के बाद सुनिश्चित हुआ। टोक्यो में टीम इंडिया का अभियान नीदरलैंड, जर्मनी और गत चैम्पियन ब्रिटेन से लगातार तीन मैचों में हार से शुरू हुआ, लेकिन उसने शानदार वापसी करते हुए अपने से ऊंची रैंकिंग की आयरलैंड को 1-0 से हराने के बाद दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से शिकस्त देकर खुद को दौड़ में बनाए रखा। वह छह अंकों के साथ पूल-ए में चौथे स्थान पर रहते हुए पहली बार अंतिम आठ चरण में जगह बनाई।
तीसरी बार ओलम्पिक में टीम इंडिया
भारतीय महिला हॉकी टीम तीसरी बार ओलम्पिक में हिस्सा ले रही है। पहली बार 1980 के मॉस्को ओलम्पिक में वह उतरी थी। उस ओलम्पिक में भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही थी। मॉस्को में केवल छह टीमों ने हिस्सा लिया था और मैच राउंड रॉबिन आधार पर खेले गए थे।
