दोनों बीवियों के बीच चारपाई डालकर सोती थी सास, परेशान बीवियां पहुंचीं थाने, तब हुआ फैसला
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क/लखनऊ
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रामपुर में एक शख्स की दो पत्नियां थाने में ऐसी शिकायत लेकर पहुंचीं कि पुलिस भी हैरान रह गई। देश का सम्भवतया यह पहला मामला था। पत्नियों ने पुलिस से शिकायत की कि उनकी सास दोनों के बीच में चारपाई डालकर सोती है। साथ ही पति की भी शिकायत की। इस पेचीदे मामले को सुलझाने के लिए पुलिस को पंचायत बुलानी पड़ी, तब जाकर इसका समाधान हुआ।
सास की नहीं, पत्नियों के बीच हो पति की चारपाई
दोनों पत्नियों की शिकायत सुनने के बाद पुलिस ने पति और सास को थाने बुलाया। ग्राम प्रधान की मौजूदगी में दोनों पत्नियों और सास की बात सुनी। इसके बाद समझौते में तय हुआ कि सास दोनों पत्नियों के बीच नहीं आएगी। वहीं, पति भी दोनों पत्नियों को बराबर समझेगा। दो पत्नियों के बीच फंसे पति को अब पंचायत ने आदेश दिया है कि वह अपनी मां की चारपाई दोनों पत्नियों के बीच से हटा ले, इसकी जगह वह वहां अपनी चारपाई लगाए।
दूसरी शादी के बाद शुरू हुआ विवाद
मामला रामपुर के अजीमनगर थाना क्षेत्र के खेड़ा टांडा गांव का है। गांव के फिरासत अली ने 8 वर्ष पहले गांव की ही नसरीन से शादी की थी। शादी के 4 वर्ष बाद उसका गांव की ही दूसरी युवती शारिका से अफेयर शुरू हो गया, इसके बाद फिरासत ने शारिका से भी कोर्ट मैरिज कर ली और घर ले आया।
पत्नियों ने पति की ही कर दी धुनाई
दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी ने काफी हंगामा किया, लेकिन ग्रामीणों के समझाने के बाद दोनों पत्नियां पति के साथ रहने लगीं। यह स्थिति मगर स्थाई नहीं रह सकी। कुछ दिन बाद ही दोनों ट पत्नियों के बीच पति को लेकर झगड़ा शुरू हो गया। जब पति ने पत्नियों के इस झगड़े को सुलझाने की कोशिश की तो उसे भी मार खानी पड़ी।
सास के फैसले से पत्नियां हुईं परेशान
विवाद ज्यादा बढ़ा तो दोनों पत्नियों के बीच सास अपनी चारपाई डालकर सोने लगी। यही नहीं सास ने दोनों पत्नियों के पति से मिलने पर भी रोक लगा दी। इससे तंग आकर ही दोनों पत्नियां थाने पहुंचीं।
आपसी समझौते से सुलझा विवाद
- इस मामले में थाना अध्यक्ष अजीम नगर का कहना है कि, पुलिस ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए सास और पति को थाने बुला लिया। यहां तय हुआ कि दोनों पत्नियों के बीच सास नहीं बल्कि पति का बिस्तर लगाया जाए। पति दोनों पत्नियों को बराबर तवज्जो देगा। विवाद को आपसी समझौते से दूर कर दिया गया है।
