राजस्थान: फाइनेंसर से परेशान बीजेपी नेता के बेटे ने फांसी लगाकर जान दी
6 लाख रुपए उधारी पर साहूकार 6 माह में ही वसूल चुका था 18 लाख रुपए, साइन किए चेक बैंक में लगाने की देता था धमकी, परेशान होकर दुकान में लगाया फंदा
एनसीआई@श्रीगंगानगर
पदमपुर के पूर्व भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष के पुत्र ने फाइनेंसर से परेशान होकर आज मंगलवार दोपहर अपनी दुकान में ही फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने व्यापार के लिए फाइनेंसर से करीब छह लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले में फाइनेंसर ने युवक से खाली चेक ले रखे थे। चेक पर उसकी पत्नी के हस्ताक्षर थे। फाइनेंसर इस पर प्रतिदिन के हिसाब से बड़ा ब्याज जोड़ता गया। इससे वह छह माह में ही करीब 18 लाख रुपए वसूल चुका था। इसके बावजूद फाइनेंसर बकाया बताते हुए उसे धमकियां दे रहा था। इस मामले पर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक के परिजन और रिश्तेदार सीएचसी पदमपुर में ही धरने पर बैठ गए हैं।
भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष विजय खुराना के बेटे दीपक खुराना उर्फ मिनी ने कस्बे के फाइनेंसर इंद्र आहूजा उर्फ बट्ठल से करीब 7 माह पहले छह लाख रुपए उधार लिए थे। उधार देने से पहले बट्ठल ने दीपक से कुछ खाली चेक पर हस्ताक्षर कराए थे। इनमें दीपक की पत्नी के नाम के भी चेक थे। फाइनेंसर इस पर 5-10% प्रतिदिन की दर से ब्याज लगा रहा था। यानी यदि किसी ने एक हजार रुपए उधार लिए तो उसे 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज देना होता था। मिनी ने इस फाइनेंसर से छह लाख रुपए उधार लिए थे। इस हिसाब से बड़ी राशि प्रतिदिन ब्याज की ही बन रही थी। जानकारी के मुताबिक, फाइंनेंसर उससे उधार के पैसों का ब्याज सहित 60-65 लाख रुपए मांग रहा था।
18 लाख चुकाने पर भी करता रहा परेशान
दीपक ने उधार लिए छह लाख रुपए के एवज में अब तक करीब 18 लाख रुपए चुका दिए थे। फाइनेंसर फिर भी और रकम की मांग कर रहा था। दीपक ने परिवार के सदस्यों को यह बात बता दी थी। इस पर परिवार के लोगों ने बैठकर बात की और बट्ठल को एकमुश्त 20 लाख रुपए देने की बात तय हुई। इस पर फाइनेंसर एक बार तो मान गया, मगर फिर वह दुबारा दीपक को रुपए देने के लिए परेशान करने लगा।
परेशान होकर दीपक ने दे दी जान
बट्ठल की इस कारस्तानी से परेशान दीपक को फाइनेंसर से पीछा छुड़ाने का रास्ता नजर नहीं आया। वह सुबह करीब ग्यारह बजे कस्बे के अनारकली बाजार स्थित अपनी दुकान पर आया। यहां उसने कर्मचारी को तो फलेक्स बनवाने के बहाने बाहर भेज दिया। पीछे से दीपक दुकान की प्रथम मंजिल पर गया और वहां छत में लगे कुंडे से फंदा लगाकर जान दे दी।
पिता बोले- 20 लाख देना तय हुआ फिर भी धमकी
दीपक के पिता विजय खुराना ने बताया कि फाइनेंसर के परेशान करने की बात जब उनकी जानकारी में आई तो पंचायत की। इसमें 20 लाख रुपए फाइनल पेमेंट के रूप में देने की बात हुई थी। इसके बावजूद फाइनेंसर ने दीपक को फिर से परेशान करना शुरू कर दिया। इस बार उसने दीपक की पत्नी के नाम के चेक बैंक में प्रस्तुत कर फंसाने की धमकी दी।
पुलिस ने कमरा किया सील
दीपक ने जिस कमरे में आत्महत्या की उसे सील कर दिया गया है। पुलिस परिजनों से जानकारी जुटा रही थी। उसके बाद कमरे में सुसाइड नोट के बारे में पता किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि दीपक का विवाह कुछ समय पूर्व ही हुआ था। उसके एक माह की बेटी है।
दीपक पदमपुर के अनारकली बाजार में तोहफा गिफ्ट हाउस के नाम से दुकान चलाता था। उसके पिता आढ़त व्यावसायी हैं। उनकी नई धानमंडी में दुकान है। वहीं फाइनेंसर की कस्बे में आहूजा रेडियोज के नाम से इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है। इस मामले में श्रीकरणपुर के डीएसपी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है। उसके मिलने वालों के यहां दबिश दी गई है, लेकिन वह नहीं मिला। उसके परिवार के सदस्य भी घर से गायब हैं।
