भारतीय किसान संघ का अधिवेशन : संगठनात्मक व आंदोलनात्मक गतिविधियों पर हुई चर्चा, 25 अगस्त को समापन
एनसीआई@कोटा
भारतीय किसान संघ चित्तौड़ प्रांत के अधिवेशन में दूसरे दिन मंगलवार को संगठनात्मक एवं आंदोलनात्मक गतिविधियों के बारे में चर्चा की गई। अधिवेशन के दौरान विभिन्न सत्रों में अखिल भारतीय महामंत्री बद्रीनारायण चौधरी, अभा सह संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री कैलाश गेंदोलिया, संगठन मंत्री राजबीर सिंह, जैविक प्रमुख पद्मश्री हुकुम पाटीदार, प्रांत अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान, महामंत्री जगदीश कलमंडा व संगठन मंत्री परमानंद ने सम्बोधित किया।

राष्ट्रीय महामंत्री बद्रीनारायण चौधरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि, किसान के उत्थान से ही राष्ट्र का उत्थान सम्भव है। राष्ट्र निर्माण के संगठन सर्वाधिक जरूरी है, इसलिए भारतीय किसान संघ केवल आंदोलन नहीं करता, बल्कि रचनात्मक कार्य भी करता है। देश के पर्यावरण, जहर मुक्त खेती, व्यसन मुक्त समाज के निर्माण का कार्य भी व्यापकता से कर रहे हैं।
राजबीर सिंह ने कहा कि भारत पर हुए अनेक आक्रमणों ने हमारे जल, जंगल, जमीन, खेती, गांव, गरीब सबको बर्बाद करने का काम किया। भारतीय किसान संघ देशभर में सक्रिय हो आदर्श ग्राम समितियां खड़ी करने का काम कर रहा है।
पद्मश्री हुकुम पाटीदार ने कहा कि हमारी खेती बाजार आधारित नहीं है। जैविक कृषि से किसान की लागत में कमी लाई जा सकती है, लेकिन जैविक खेती के नाम पर बाजार में आ रही मल्टीनेशनल कम्पनियों से भी बचने की जरूरत है। हम गौ आधारित, पर्यावरण आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर डालते हैं। भारतीय किसान संघ किसानों को मल्टीनेशनल कम्पनियों के जाल में फंसने से बचाने के लिए भी व्यापक अभियान चलाएगा।
अधिवेशन में आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक मुरलीधर, शिवराज पुरी, शंकरलाल, आशीष मेहता, अमृत छजावा, भारती नागर, रमा, राममूर्ति, गिरिराज चौधरी, रूपनारायण यादव, देवीशंकर गूजर, महावीर सुमन, मुकुट बिहारी, पवन सहित चित्तौड़ प्रांत के विभिन्न जिलों से आए किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।
भारतीय किसान संघ के सम्भागीय प्रवक्ता आशीष मेहता ने बताया कि इस तीन दिवसीय अधिवेशन का समापन बुधवार को होगा।
