बूंदी: जिले में कक्षा 9 से 12वीं तक विद्यालय खुले, पहले दिन कलक्टर गुप्ता ने भी ली क्लास
जिला कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने जांची व्यवस्थाएं
एनसीआई@बूंदी
जिलेभर के विद्यालयाें में भी राज्यव्यापी दिशा-निर्देशों के तहच बुधवार से कक्षा 9 से 12वीं तक की पढ़ाई शुरू हो गई। लम्बे समय बाद स्कूल खुलने से विद्यार्थियो में खासा उत्साह देखा गया। छात्र-छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर कक्षाओं में बैठाया गया। इससे पहले स्टूडेंट्स का टेंपरेचर चैक कर उन्हें स्कूल में प्रवेश दिया गया। विद्यालय खुलने के पहले दिन जिला कलक्टर आशीष गुप्ता भी जिले की विभिन्न स्कूलों में पहुंचे और कोरोना गाइड लाइन की पालना का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों से बातचीत भी की। इसमें उन्हांने विद्यार्थियों से किताब पढ़वाई और सवाल भी पूछे।
रामगंज एवं माटूंदा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने विद्यालय में सेनेटाईजर की उपलब्धता रखने, मास्क अनिवार्यता तथा सामाजिक दूरी सहित एसओपी के निर्देशों की पूर्ण पालना के निर्देश दिए। उन्हाेंने विद्यार्थियों से बातचीत भी की। जिला कलक्टर ने दोनों स्थानों पर किए जा रहे कोविड-19 टीकाकरण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने सम्बन्धित कर्मचारी से वेक्सीनेशन की प्रगति के बारे में जानकारी भी ली।
अतिरिक्त जिला कलक्टर एयू खान ने भी स्कूलों में पहुंचकर एसओपी की पालना जांची। उन्होंने सिलोर, उलेड़ा एवं जावटी कला के विद्यालयों का निरीक्षण किया और विद्यालयों में कोविड-19 गाइड लाइन की पालना देखी। इस दौरान उन्होंने गुढ़ानाथावतान पीएचसी का निरीक्षण भी किया। साथ ही यहां वेक्सीनेशन कार्य का जायजा भी लिया।
सघन निरीक्षण से जांची एसओपी की पालना
जिलेभर में 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलेने के साथ ही सुरक्षित अध्ययन के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार शिक्षा विभाग द्वारा जारी एसओपी की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए जिलेभर के स्कूलों का अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कोविड-19 गाइड लाइन के तहत स्कूलों में किए गए सुरक्षात्मक उपायों को जांचा। निरीक्षण में शामिल 68 अधिकारियों ने 41 बिन्दुओं के आधार पर एसओपी की पालना का जायजा लिया। निरीक्षण में अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में मास्क की अनिवार्यता, पानी की टंकी की साफ-सफाई, सेनेटाइजेशन, साबुन, फुट ओपरेटेड सेनेटाइज स्टेण्ड, स्वच्छ जल की उपलब्धता, अध्ययन के दौरान सामाजिक दूरी, ढक्कनदार डस्टबिन की उलब्धता आदि 41 बिन्दुओं के आधार पर जांच की।
