बांग्लादेश: दुर्गा पंडालों में तोड़फोड़ व आगजनी, चार लोगों की मौत, 22 जिलों में भारी सुरक्षा बल तैनात
शेख हसीना, प्रधानमंत्री, बांग्लादेश
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
बांग्लादेश में बुधवार को दुर्गा अष्टमी के अवसर पर दुर्गा पूजा समारोह के दौरान हिन्दू अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का मामला सामने आया है। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई। इस हमले की बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने तीखी आलोचना की है। शेख हसीना ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि जो कोई भी इस हमले में शामिल है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। शेख हसीना ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस धर्म के लोग थे। घटना के बाद फैले तनाव को देखते हुए 22 जिलों में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।
शेख हसीना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के सहारे ढाका में ढाकेश्वरी नेशनल टेम्पल में हुए इवेंट को अटेंड किया था। उन्होंने कहा कि कोमिल्ला जिले में हुई घटना की जांच की जा रही है। हिन्दू मंदिरों में और दुर्गा पूजा के पंडालों में जिसने भी हमला किया है, उनमें से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इन उपद्रवियों का धर्म कौन सा था। इन हमलों के पीछे वही लोग हैं जो जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रहे हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद भड़की हिंसा
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक फेसबुक पोस्ट में दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान के अपमान की अफवाह फैलाई गई थी। इस कारण हिंसा भड़की। इसके बाद हजारों की संख्या में एकत्र हुए लोगों की भीड़ ने कई दुर्गा पूजा पंडालों में भारी तोड़फोड़ और आगजनी की। इसके बाद भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। बीडीन्यूज24 की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के कोमिल्ला जिले में एक पूजा पंडाल में कुरान के कथित अपमान की अफवाह से जुड़ा सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुआ था, जिसके बाद इस क्षेत्र में हिंसा भड़क गई थी।
इसके बाद चांदपुर के हबीबगंज, चटगांव के बांसखाली, कॉक्स बाजार के पेकुआ और शिवगंज के चापाई नवाबगंज सहित कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी और पंडालों में तोड़फोड़ की गई। इस हिंसा में तीन लोगों के मारे जाने की भी खबर है। इस मामले में बांग्लादेश हिन्दू यूनिटी काउंसिल ने भी ट्वीट किया है। इस ट्वीट में लिखा था कि ’13 अक्टूबर 2021, बांग्लादेश के इतिहास में एक निंदनीय दिन था। अष्टमी के दिन मूर्ति विसर्जन के मौके पर कई पूजा मंडपों में तोड़फोड़ की गई। हिन्दू अब पूजा मंडपों की रखवाली कर रहे हैं। आज पूरी दुनिया चुप है।मां दुर्गा अपना आशीर्वाद दुनिया के सभी हिन्दुओं पर बनाए रखें।’
बांग्लादेश के गृहमंत्री ने एक्शन लेने की बात कही
चांदपुर के एक स्थानीय अस्पताल ने बीडीन्यूज 24 के साथ बातचीत करते हुए कहा कि उनके अस्पताल में जो तीन बॉडी आई हैं, वे इसी हिंसा का शिकार हो सकती हैं। हालांकि पुलिस ने अब तक इस मामले में कंफर्म नहीं किया है कि इन लोगों की मौत उपद्रवियों द्वारा किए गए दंगे की चपेट में आने से हुई है या फिर कोई और वजह है। इस मामले में बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्जमान खान ने कहा कि कोमिल्ला जिले में जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है, उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में जल्द से जल्द न्याय किया जाए।
कोमिल्ला के जिस इलाके में ये घटना हुई है वहां दशकों से हिन्दू-मुसलमान शांति के साथ रह रहे हैं।मुस्लिम तबके के लोग भी दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में जाते हैं। यहां रात को पूजा पंडालों में कोई खास सुरक्षा नहीं होती। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये पहली बार है जब इस क्षेत्र में इस तरह की साम्प्रदायिक हिंसा की घटना हुई है। गौरतलब है कि साल 2011 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश की 14.9 करोड़ की आबादी में करीब 8.5 फीसदी हिन्दू हैं। कोमिल्ला जिले में हिन्दू समुदाय के लोगों की काफी आबादी रहती है।

