जयपुर में बीएसटीसी अभ्यर्थियों का धरना छठे दिन भी जारी: रीट लेवल-1 से बीएड धारियों को बाहर करने की मांग, डोटासरा बोले- फैसला कोर्ट करेगा
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में 26 सितम्बर को आयोजित हुई रीट लेवल-1 से बीएड धारियों बाहर किए जाने की मांग को लेकर बीएसटीसी अभ्यर्थियों का धरना शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा। सरकार द्वारा 5 दिन तक मांग नहीं माने के बाद अभ्यर्थियों ने अब अनशन भी शुरू कर दिया है।
जयपुर में अनशन पर बैठे बीएसटीसी अभ्यर्थी सचिन शर्मा ने बताया की लेवल-1 में शुरू से ही बीएसटीसी अभ्यर्थियों का हक रहा है। ऐसे में अगर लेवल-1 में बीएड धारियों को शामिल किया जाता है,तो प्रदेश के 4 लाख बेरोजगारों का सरकारी नौकरी लगने का सपना टूट जाएगा। सचिन ने बताया की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र ही बीएसटीसी करते है, क्योंकि उनके पास बीएड करने के लिए पैसे नहीं होते। ऐसे में सरकार को भी गरीब छात्रों के लिए सोचना चाहिए। उन्होंने कहा की सरकार जल्द से जल्द बीएसटीसी संघर्ष समिति के हक में अपना निर्णय स्पष्ट करे। अन्यथा आने वाले दिनों में प्रदेशभर के हजारों अभ्यर्थी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
दरअसल, रीट की विज्ञप्ति में शिक्षा विभाग की ओर से लेवल-1 के लिए बीएसटीसी अभ्यर्थियों को ही योग्य माना गया था। लेकिन बीएड धारियों द्वारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद हाईकोर्ट ने बीएड धारियों को दोनों लेवल में शामिल होने के आदेश दिए थे। वहीं इस पूरे मामले पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि अभी मामला कोर्ट में है, और इस पर फैसला कोर्ट ही करेगा। सरकार का जो स्टेंड है उसके तहत मजबूत पैरवी कर ही रही है। उन्होंने कहा, यह बात सच है कि यदि लेवल-1 और लेवल-2 में बीएडधारी आ जाएंगे, तो बीएसटीसी एक दिन खत्म हो जाएगी। इसमें कोई दोराय नहीं है। मैं पक्ष और विपक्ष की बात नहीं करता हूं। लेकिन यह बात सच है एक विद्यार्थी जो ग्रेजुएशन करा हुआ हो और एक विद्यार्थी जो 12वीं पास हो, उसके विजन में फर्क होता है। लेकिन आगामी सुनवाई में कोर्ट जो भी फैसला लेगा वह मान्य होगा।
