हर दिल को जीतने की खूबी और अदम्य साहस के प्रतीक थे महात्मा गांधी: मुजीब आजाद
–महात्मा गांधी की जयंती पर 15 दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन
-सेवाग्राम वर्धा के आचार्य विनोद स्वरूप ने किया, एपीआरआई का अवलोकन
एनसीआई@टोंक
आजादी के अमृत महोत्सव एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वी जयंती के अवसर पर मौलाना अबुल कलाम आज़ाद अरबी फारसी शोध संस्थान, टोंक, की ओर से लगाई गई ‘महात्मा गांधी: जीवन दर्शन’ प्रदर्शनी को देखने के लिए दूर-दूर से गणमान्य लोग आ रहे हैं। यह 15 दिवसीय प्रदर्शनी है।

इसी क्रम में 4 अक्टूबर को ग्राम वर्धा से आए गांधीवादी विचारक आचार्य विनोद स्वरूप ने मौलाना आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान का अवलोकन किया। उन्होंने इस संस्थान में दुनिया के सबसे बड़े हस्तलिखित पवित्र ग्रंथ कुरान शरीफ के दर्शन किए। फारसी भाषा में लिखी भगवत गीता, पवित्र ग्रंथ रामायण के बालखंड व महाभारत देखकर अभिभूत हो गए। इन बहुमूल्य ग्रंथों व ऐतिहासिक महत्व की पुस्तकों को देखकर आचार्य विनोद ने कहा कि पुस्तकों का यह भंडार अमूल्य धरोहर है, जिनका संरक्षण एपीआरआई द्वारा किया जा रहा है। यह राष्ट्र सेवा, समाज सेवा, जनसेवा का उत्कृष्ट कार्य है।
इससे पूर्व महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित हुए समारोह की अध्यक्षता करते हुए आचार्य विनोद स्वरूप ने कहा कि हस्तलिखित ग्रन्थों के संरक्षण का जितना महत्व है, उतना ही मानवीय जीवन मूल्यों के संरक्षण का है। विचार का संरक्षण पुस्तकों के माध्यम से ही हो सकता है। निदेशक डॉ.सोलत अली खान ने कहा पुस्तकों में जो संदेश हमारे पूर्वजों, सूफी-संतों ने दिए हैं, उन्हें जीवन में आत्मसात कर वैचारिक मूल्यों का संरक्षण किए जाने की आवश्यकता है। यह जीवन मूल्य वास्तविक रूप से सफलता का मार्ग प्रशस्त करेंगे। गांधी जयंती के अवसर पर गांधी जीवन दर्शन की प्रदर्शनी का उद्घाटन गांधी 150 जन्म उत्सव समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हिंदी यूनिवर्स फाउंडेशन नीदरलैंड्स के उपाध्यक्ष मुजीब अता आजाद ने किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने जीवन को एक मिसाल के रूप में पेश किया। इसका अध्ययन करके गांधी को समझा जा सकता है। गांधी ने अपने जीवन दर्शन से प्रेम भाईचारे का पैगाम दिया। उन्होंने विरोधी का दिल किस तरह जीता जा सकता है, यह तरीका दुनिया को सिखलाया। भारत जब आजाद हो गया, तब देश के पहले गवर्नर जनरल के रूप में लॉर्ड माउंटबेटन का चयन उनकी इसी दृढ़ इच्छाशक्ति को बतलाता है। जिन अंग्रेजों से भारत को आजादी दिलाई, उन पर ही इतना विश्वास जताया। गांधी के जीवन के ऐसे अनेक अविस्मरणीय संस्मरण हैं, जब उन्होंने विरोधी का दिल जीत कर दुनिया को अहिंसा और शांति का संदेश दिया। इसे जीवन में अपनाने का रास्ता बताया।
समारोह में राजकीय महाविद्यालय के डॉ.पीसी जैन ने भी भाग लिया। संचालन मौलाना जमील अहमद ने किया। अंत में संस्थान के लेखा अधिकारी प्रीतम सिंह खत्री ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
