बिजली संकट के बीच राजस्थान में राहत की दो खबरें
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में बिजली संकट के बीच सोमवार को राहत देने वाली दो बड़ी खबरें आई हैं। इनमें पहली खबर यह है कि छबड़ा थर्मल पावर प्लांट में आज से 250 मेगावाट की यूनिट नम्बर 2 शुरू हो गई है। दूसरी खबर यह है कि पिछले तीन दिन से प्रदेश में हुई बारिश से हवा में ठंडक घुल गई है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे बिजली का इस्तेमाल भी घटा है। ऐसे में बिजली संकट में बड़ी राहत मिली है।
छबड़ा थर्मल पावर प्लांट में ओएंडएम की 250 मेगावाट की 2 नम्बर यूनिट आधी रात के बाद 2 बजकर 15 मिनट पर सिंक्रोनाइज हो गई है। यह यूनिट शुरू होने से राजस्थान को 250 मेगावाट बिजली और मिलने लगेगी। इसेे बिजली किल्लत के बीच एक राहत भरी खुशखबर माना जा रहा है। राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लगातार ऐसे प्लांट्स की यूनिट्स को शुरू करवाने पर जोर दे रहा है, जो कोयला संकट के कारण बन्द हैं। कोयले की खेप जैसे-जैसे बढ़ रही है, उन यूनिट्स को फिर से शुरू करवाया जा रहा है।
पिछले 2 दिन से 5 सम्भागों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी है। इसका सीधा असर बिजली के उपभोग पर पड़ा है। बिजली के उठाव और मांग में गिरावट दर्ज हुई है। इससे दिन और रात के तापमान में भी 3 डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई है। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के दो दर्जन जिलों में बीते 24 घंटे में अच्छी बारिश हुई है। भीलवाड़ा में 53 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड हुई। पोस्ट मानसून की बारिश से एक बार फिर बिजली संकट से राहत मिली है। बिजली कम्पनियों को मौजूदा उपलब्ध बिजली की बचत हुई है।
राज्य में रविवार को बिजली की अनुमानित मांग औसतन 9861 मेगावाट और अधिकतम मांग 11600 मेगावाट रही है। जबकि राज्य में करीब 9585 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। इस प्रकार मौजूदा औसत मांग से अभी 276 मेगावाट बिजली कम उपलब्ध है, जबकि अधिकतम मांग से 2015 मेगावाट बिजली अभी भी कम है। जबकि तीन दिन पहले अधिकतम बिजली की मांग 12200 मेगावाट औसत तौर पर रही थी। औसत मांग भी 10683 मेगावाट थी। जबकि बिजली उपलब्धता 9317 मेगावाट थी। इस प्रकार बिजली की कुल कमी 2883 मेगावाट दर्ज की गई थी। आंकड़ों को देखा जाए तो 868 मेगावाट बिजली उपलब्धता पहले के मुकाबले अब बढ़ी है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बिजली के हालातों की रेग्युलर समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बिजली का प्रोडक्शन बढ़ाने और कटौती कम से कम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राज्य में कोयला की उपलब्धता बनाए रखने के लिए केन्द्र सरकार, कोल इंडिया और इसकी सब्सिडरी यूनिट्स से कॉर्डिनेशन के साथ कोयला सप्लाई बढ़ाने का दबाव बनाने को कहा है।
