सुप्रीम कोर्ट ने लगाई किसान नेताओं को तगड़ी फटकार
एनसीआई@नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को जंतर-मंतर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। किसान महापंचायत नाम के संगठन की इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई।
कोर्ट ने कहा, आप ट्रेनें रोक रहे हैं, हाईवे बंद कर रहे हैं। क्या शहरी लोग अपना बिजनेस बंद कर दें। क्या ये लोग शहर में आपके धरने से खुश होंगे?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आपने पूरे शहर को अवरुद्ध कर रखा है, और अब आप शहर के भीतर आकर प्रदर्शन करना चाहते हैं। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस रविकुमार की बेंच ने कहा, आप कृषि कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं, इसका मतलब है कि आपको कोर्ट पर भरोसा है, फिर विरोध प्रदर्शन की क्या जरूरत।
सभी को स्वतंत्र रूप से घूमने का अधिकार
बेंच ने कहा, नागरिकों को बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से घूमने का समान अधिकार है और विरोध में उनकी सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कोर्ट ने कहा, संतुलित दृष्टिकोण होना चाहिए। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने गत दिनों प्रदर्शनकारी किसानों के द्वारा पंजाब में एक स्थान पर सेना के काफिले को रोकने पर भी अपनी नाराजगी जताई।
4 अक्टूबर को अगली सुनवाई
अब इस मामले में 4 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। कोर्ट ने ‘किसान महापंचायत’ नामक संगठन से हलफनामा पेश करने के लिए कहा है कि वे घोषित करें कि वे राजधानी के बॉर्डर्स पर हो रहे विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं हैं।
