बूंदी: नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने के दोषी पिता को अंतिम सांस तक कारावास, एक साल में मिल गई सजा
एनसीआई@बूंदी
अपनी नाबालिग पुत्री (11वर्षीय) से दुष्कर्म करने के दोषी पाए गए पिता को न्यायाधीश अरुण कुमार जैन, पोक्सो न्यायालय क्रम संख्या 02 ने आज गुरुवार को आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक) व 40 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
मामले के अनुसार, मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की मूल निवासी, हाल निवासी लाम्बाखोह, थाना डाबी, जिला बूंदी की 11 वर्षीय नाबालिग ने 21 जनवरी 2021 को पुलिस को पर्चा बयान दिया था। इसमें उसने कहा था कि उसके पापा शराब पीकर आए दिन उसकी मम्मी से मारपीट करते थे, अंत में मम्मी को घर से भगा दिया। इसके बाद बच्चों को आरोपी ने अपने साथ रख लिया। इसके बाद से वह उसे (नाबालिग पुत्री) अपने बिस्तर पर लेकर सोने लगा व उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करने लगा। पीड़ित नाबालिग ने यह बात पड़ोस में रहने वाली अपनी बुआ को बताई। इसके बाद उसने पुलिस को इसकी सूचना दी।
पीड़िता के इस पर्चा बयान के आधार पर डाबी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। मामले की जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय पोक्सो, बूंदी में आईपीसी की धारा 376 एबी, 376 (2च) तथा पोक्सो एक्ट की धारा 3/4/5/6 में चालान पेश किया।
इस मामले में आज न्यायाधीश अरुण कुमार जैन, पोक्सो क्रम संख्या 02 बूंदी ने आरोपी प्रेम रावत (35) पुत्र मुंशी लाल रावत को पोक्सो एक्ट की आरोपित धाराओं में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक ) की कठोर सजा व 40 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर मेघवाल ने पैरवी करते हुए 19 गवाह और 23 दस्तावेज पेश किए। कार्यालय के निजी सहायक एचपी मीना ने यह सूचना दी।
