सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा-कोरोना पर फैसला थोपा नहीं जाएगा, आपके सुझावों पर आज गाइड लाइन जारी होगी
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस-बीजेपी नेताओं ने स्कूलों-कॉलेजों में वेक्सीनेशन कैंप लगाने का सुझाव दिया। गहलोत ने कहा- कोई फैसला थोपा नहीं जाएगा। चाहे स्कूल या मंदिर-मस्जिद की बात हो। सब आपके सुझाव से होगा। रविवार रात गाइड लाइन (एसओपी) जारी करते हुए आप लोगों के सुझाव से ही फैसले करेंगे। सबके सुझावों का सम्मान करता हूं। दो बार की तुलना में इस बार के कोरोना का मिजाज कुछ अलग है। हमने दूसरी लहर के विकट हालत में राजस्थान को बचाया है।
रविवार शाम करीब पौने तीन घंटे चली बैठक में गहलोत ने कहा कि ऑक्सीजन की किल्लत में भी हमने व्यवस्था की। तीन मंत्रियों को दिल्ली भेजा। ऑक्सीजन के लिए दबाव बनाया ताकि कमी नहीं हो। कोरोना की दो लहर में सबने काम किया। मैं केवल निमित मात्र हूं। असली योद्धा तो हमारे डॉक्टर, फ्रंटलाइन वर्कर थे। पुलिस ने भी शानदार काम किया। हमने 35 लाख लोगों को सीधा पैसा भेजा। दोनों लहर के वक्त सरकारी मशीनरी, आम जनता के काम को हम कैसे भूल सकते हैं।
कोरोना की सुनामी आएगी
गहलोत ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग रखनी होगी। राजनीतिक रैलियां चल रही हैं। शादियों का सीजन है। हम जब रैलियां करते हैं तो लोग सवाल करते हैं। कहते हैं राजनीतिक कार्यक्रम कर सकते हो और हम पर रोक लगाते हो। हमारे पास जवाब नहीं होता। राजनीतिक दलों को सोचना होगा। मैंने सबसे पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बूस्टर डोज लगाने की मांग उठाई थी। मुझे खुशी है कि पीएम ने बूस्टर डोज की मांग कुछ हद तक मानी है। डब्ल्यूएचओ ने बूस्टर डोज लगाने की सलाह दी है। साथ ही, डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोरोना की सुनामी आएगी।
हमें अभियान चलाना है
सीएम ने कहा कि लोगों ने मास्क लगाने बंद कर दिए हैं। 90 फीसदी लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में शहरी निकाय अभियान चलाएं। पुलिस वाले बिना मास्क लोगों को टोकें। आम लोग भी आपस में टोकें। यह अभियान हमने नहीं चलाया, तो कोरोना और फैलेगा। शादी समारोहों में 2 पुलिसवाले भी खड़े हो जाएं तो फर्क पड़ेगा। हम सब मिलकर कोरोना की जंग जीतेंगे।
बैठक में ये सुझाव आए
बैठक में नेताओं ने सुझाव दिए कि स्कूलों में वेक्सीनेशन केम्प लगाए जाएं। 15 से 18 साल के बच्चों को जल्द वेक्सीन लग जाए और उन्हें संक्रमण का खतरा कम से कम रहे। उधर, सीएम के सलाहकार संयम लोढ़ा ने रात 11 से सुबह 5 के नाइट कर्फ्यू के इम्पेक्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे कोई ज्यादा फायदा नहीं होता। इसकी जगह दूसरी व्यवस्था करनी चाहिए। रात में लोगों का आवागमन न के बराबर रहता है तो इसका क्या फायदा? भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों को कंट्रोल करने पर जोर देना होगा।
जयपुर सहित प्रदेश के बड़े शहरों में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी दलों के नेताओं, धर्म गुरुओं, NGO के प्रतिनिधियों से वीसी के जरिए हालात पर चर्चा की। धार्मिक स्थलों को बंद करने पर धर्मगुरुओं की राय ली गई। कांग्रेस, बीजेपी, सीपीएम, बसपा नेता और कई सामाजिक कार्यकर्ता भी वीसी से जुड़े।
