सीएम गहलोत की जनसुनवाई में उमड़ी भीड़
एनसीआई@बीकानेर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपने अभाव-अभियोग सुनाने के लिए रविवार को सर्किट हाउस में बड़ी संख्या में लोग उमड़े। मुख्यमंत्री ने सुबह 9.30 बजे से एक एक कर लोगों की समस्याएं सुननी शुरू कीं। करीब पौने घंटे तक लाइन में लगे लोगों की सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत जैसे ही इसके आखिर पहुंचे तो वह भीड़ में घिर गए। इस पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें चारों तरफ घेरा बनाकर बाहर निकाला। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दुबारा बनी कतार में लोगों की समस्याओं को सुना।
मुख्यमंत्री गहलोत शनिवार को बीकानेर पहुंचे थे। उन्होंने यहां रात्रि विश्राम के बाद आज रविवार सुबह स्थानीय नेताओं से बात की। इसके बाद जनसुनवाई कर पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी। पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री गहलोत ने केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि संजीवनी सोसायटी से गजेन्द्र सिंह के क्या सम्बन्ध रहे हैं? इसका उन्हें जवाब देना चाहिए। सोसायटी के पांच लोग जेल में हैं, करोड़ों रुपए का विदेशों में निवेश किया गया है। जिन लोगों के पैसे सोसायटी ने हड़पे वे लोग अपनी गाढ़ी कमाई की मांग को लेकर घूम रहे है।
ये दिलचस्प यादें भी बताईं
इससे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को रवीन्द्र रंगमंच के कार्यक्रम में अपने एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बीकानेर से जुड़े किस्से सुनाए। गहलोत ने कहा कि एक बार यहां पर एनएसयूआई का कार्यक्रम रखा। यहां आए तो जिसे जिम्मेदारी दी हुई थी, वह गायब हो गए। बीकानेर के भवानीशंकर शर्मा मिले और उनकी मदद से कार्यक्रम किया। इसी तरह उन्होंने एक और किस्सा साझा किया। गहलोत ने कहा कि देशनोक में एनएसयूआई का सम्मेलन करने आए। वहां से बीकानेर लौटते रात हो गई। यहां से जयपुर के लिए सभी बसें निकल चुकी थीं। ऐसे में ठेलों पर सोकर रात बिताई और अगली सुबह पांच बजे बस पकड़कर जयपुर गए। गहलोत ने तिलक जोशी का नाम लेकर कहा कि उनका सहयोग मिलता रहता था।
