अयोध्या का माहौल बिगाड़ने की साजिश रचने वाली गैंग का मास्टर माइंड था हिस्ट्रीशीटर महेश मिश्रा
एनसीआई@अयोध्या
राम की नगरी अयोध्या में धार्मिक माहौल बिगाड़ने की बड़ी साजिश रची गई थी, जिसका पर्दाफाश किया गया है। यहां कुछ शरारती तत्वों ने जालीदार टोपी लगाकर आपत्तिजनक पर्चे और धार्मिक स्थलों पर मांस के टुकड़े फेंके। इनका भंडाफोड़ कर पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वही चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस साजिश को रचने वाला आरोपी हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर चार मामले पहले से दर्ज हैं।
यह सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जब कार्रवाई शुरू की तो पहले एक आरोपी पकड़ में आया। उसी से हुई पूछताछ में बाकी आरोपियों की पहचान उजागर हुई और उनकी गिरफ्तारी की गई। ये सभी आरोपी किसी ‘हिंदू योद्धा संगठन’ से जुड़े हुए बताए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में महेश मिश्रा (मास्टर माइंड), प्रत्यूष कुमार, नितिन कुमार, दीपक गौड़, ब्रजेश पांडे, शत्रुघ्न व विमल पांडेय शामिल हैं। जो वीडियो फुटेज सामने आए हैं उनके अनुसार आरोपियों ने तनाव पैदा करने की साजिश के तहत अयोध्या शहर की मस्जिदों के बाहर आपत्तिजनक सामान फेंके। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि आरोपी महेश मिश्रा खुद चाहता था कि वह ऐसा करते हुए सीसीटीवी में कैद हो, इसलिए उसने इलाके की ऐसी दो मस्जिदों को चुना जहां पर सीसीटीवी लगा हुआ था। हालांकि मोटरसाइकिल पर सवार इन सभी आरोपियों ने मुस्लिम जालीदार टोपी लगा रखी थी। इसलिए मिश्रा के इस बयान पर संदेह पैदा हो रहा है।
पुलिस ने बताया कि महेश मिश्रा इस साजिश का मास्टर माइंड था। उसने ब्रजेश पांडे नाम के शख्स के घर पर इसकी प्लानिंग रची थी। महेश ने आपत्तिजनक पर्चे लालबाग से छपवाए थे। वहीं आरोपी प्रत्यूष श्रीवास्तव ने कुरान और जालीदार टोपियां खरीदी थीं।
इसके अलावा अन्य आरोपी ने लालबाग से मांस खरीदा था। इस सारे सामान को 26 अप्रेल को जुटाया गया और फिर कश्मीरी मोहल्ला मस्जिद में मांस और कुरान को फेंका। फिर दूसरी मस्जिद में भी आपत्तिजनक सामान और मांस फेंका गया।
पुलिस को इस मामले में कुल चार शिकायतें मिली थीं। इनमें बताया गया था कि आत्शा जामा मस्जिद, घोसियाना मस्जिद, कश्मीरी मोहल्ले में एक मस्जिद और एक मजार जिसे गुलाब शाह बाबा के नाम से जाना जाता है, इनके बाहर आपत्तिजनक पर्चे और मांस फेंका गया था।
जहांगीरपुरी का लेना चाहते थे बदला
पुलिस ने मुताबिक, आरोपी दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान शोभायात्रा पर हुई पत्थरबाजी का बदला लेना चाहते थे। आरोपियों ने कहा कि हनुमान जयंती के मौके पर जहांगीरपुरी में हिंसा हुई, इसलिए वे लोग ईद पर माहौल खराब करना चाहते थे। ये लोग चाहते थे ईद की खुशी में खलल डाली जाए।
फिलहाल इन पर आईपीसी की धारा 295 (किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को चोट पहुंचाना या अपवित्र करना) और 295A (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य, जिसका उद्देश्य किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करना है) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत केस दर्ज होगा।
मास्टर माइंड के भाई ने यह कहा
घटना के बाद मुख्य आरोपी महेश मिश्रा के भाई विशाल मिश्रा ने कहा कि महेश हिंदू योद्धा संगठन बनाकर अयोध्या के लड़कों को जोड़ रहा था। वह हर मंगलवार किसी ना किसी मोहल्ले में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करता था। विशाल मिश्रा ने कहा कि आरएसएस व बजरंग दल के लिए वह कई सालों से काम कर रहा था। दिल्ली (जहांगीरपुरी) और खरगोन में हुई घटना के बाद से वह हिंदुओं के साथ हुई घटनाओं को लेकर बातें करता था।
