24 घंटे में ही बदल गए मंत्री अशोक चांदना के सुर, सीएम से मिलकर ट्वीट किया- वे जो निर्णय करेंगे, सही करेंगे
एनसीआई@जयपुर
अपनी सरकार की व्यवस्था के खिलाफ बगावती तेवर दिखाने वाले राजस्थान के राज्यमंत्री अशोक चांदना के बोल 24 घंटे पूरे होने के पहले ही पूरी तरह बदल गए। गुरुवार रात करीब 10 बजे ट्वीट कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस्तीफे की पेशकश करने वाले चांदना ने 24 घंटे बाद शुक्रवार रात करीब 10 बजे ही फिर एक ट्वीट किया, मगर अब उसकी भाषा बिल्कुल अलग है। चांदना ने अपने इस ट्वीट में लिखा है, “मुख्यमंत्री से सभी विषयों पर सार्थक और लम्बी चर्चा हुई। वे राजस्थान कांग्रेस परिवार के अभिभावक हैं, जो निर्णय करेंगे वो सही करेंगे। बीजेपी अपना घर देखे, कांग्रेस परिवार मिशन 2023 के लिए एकजुट और लामबंद है।”
माननीय मुख्यमंत्री जी से सभी विषयों पर सार्थक एवं लंबी चर्चा हुई।
वे राजस्थान कांग्रेस परिवार के अभिभावक हैं, जो निर्णय करेंगे वो सही करेंगे।
बीजेपी अपना घर देखे, कांग्रेस परिवार #मिशन_2023 के लिए एकजुट और लामबंद है।
— Ashok Chandna (@AshokChandnaINC) May 27, 2022
उल्लेखनीय है कि चांदना ने सायं करीब 7 बजे मुख्यमंत्री निवास पर सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। करीब आधे घंटे बाद वह यहां से मीडिया से बात किए बिना ही निकल गए। सीएम से मिलने के करीब ढाई घंटे बाद चांदना ने अपना नरमी वाला ट्वीट किया। यहां यह भी गौरतलब है कि इससे पहले दोपहर को भी चांदना सीएम आवास मुख्यमंत्री गहलोत से मिलने पहुंचे थे, लेकिन तब दो घंटे से भी अधिक समय तक इंतजार करने के बाद भी उनकी गहलोत से मुलाकात नहीं हो सकी थी। इसके बाद उन्हें बैरंग ही लौटना पड़ा था।
वहीं,आज सुबह मुख्यमंत्री ने चांदना के कमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, उसने टेंशन में कमेंट किया होगा, गम्भीरता से नहीं लेना चाहिए। उल्लेखनीय है कि चांदना से पहले सरकार को समर्थन दे रहे कई विधायक और एक मंत्री भी अफसरशाही के खिलाफ खुलेआम विरोध दर्ज करा चुके हैं।
यह है मामला
दरअसल, गुरुवार देर रात अशोक चांदना ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका पर उनके दखलंदाजी का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया था और इस्तीफा देने की बात कही थी। चांदना ने उनके विभागों का चार्ज रांका को सौंपने की बात कहकर सरकार में अफसरों के दखल पर मुहर लगा दी। सूत्रों के मुताबिक उनके बागी तेवरों के पीछे भविष्य के सियासी संकेत भी छिपे हैं।
माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है की मुझे इस ज़लालत भरे मंत्री पद से मुक्त कर मेरे सभी विभागों का चार्ज श्री कुलदीप रांका जी को दे दिया जाए, क्योंकि वैसे भी वो ही सभी विभागों के मंत्री है।
धन्यवाद— Ashok Chandna (@AshokChandnaINC) May 26, 2022
बताया जाता है कि चांदना लम्बे समय से प्रमुख सचिव रांका की दखल अंदाजी से नाराज हैं। स्पोर्ट्स काउंसिल के कामकाज के तरीकों से भी चांदना नाराज थे। लगातार हो रही अनदेखी की वजह से उन्होंने कुलदीप रांका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
इसलिए नाराज हुए खेल मंत्री
खेल विभाग और स्पोर्ट्स काउंसिल में पिछले दिनों कुछ ऐसे फैसले हुए जिनमें खेल मंत्री को बाईपास किया गया। यही नहीं, स्पोट्र्स काउंसिल की अध्यक्ष कृष्णा पूनिया के हस्तक्षेप से भी वे नाराज थे। बाद में जब कुलदीप रांका ने पूनिया का पक्ष लिया तो चांदना और नाराज हो गए। इसके बाद धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया। आखिरकार चांदना ने मोर्चा ही खोल दिया।
गहलोत ने कहा- उन पर काम का भार है
शुक्रवार को जब गहलोत से चांदना के इस्तीफे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- ग्रामीण ओलम्पिक के आयोजन का बड़ा भार उनके ऊपर आया हुआ है। हो सकता है टेंशन में आ गया हो। कोई कमेंट कर दिया हो, उसे ज्यादा गम्भीरता से नहीं लेना चाहिए। उनसे बातचीत करके देख लेंगे। अभी तो पता नहीं, मेरी उनसे बात भी नहीं हुई है।
पायलट की जगह गहलोत का साथ दिया था
चांदना ने शुरू से ही सचिन पायलट की जगह अशोक गहलोत का साथ दिया। सचिन पायलट को सीएम नहीं बनाने से पायलट समर्थकों और गुर्जर समुदाय में भारी नाराजगी थी। पायलट खेमे की बगावत के समय अशोक चांदना ने खुलकर अशोक गहलोत का साथ दिया था।
यही नहीं चांदना ने पायलट के खिलाफ बयान भी दिए थे। चांदना को जब करौली जिले के प्रभारी मंत्री की जिम्मेदार दी गई तब कई बार गुर्जर समाज के लोगों ने उनका घेराव किया। पायलट का साथ नहीं देने पर नाराजगी जताई, मगर उन्होंने अपना मानस नहीं बदला था।
पूर्व व वर्तमान, दोनों सरकार से नाराज
चांदना करीब 7 साल तक यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रहे। यूथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए ही वे विधायक और फिर मंत्री बने। अब चांदना सरकार से नाराज हैं। यूथ कांग्रेस के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष गणेश घोघरा भी नाराज हैं। उन्होंने गहलोत के खास नेता दिनेश खोड़निया के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। मौजूदा और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष दोनों सरकार से नाराज हैं।
राज्यसभा चुनाव से पहले इसे गहलोत सरकार के लिए झटका माना जा रहा है। इसकी भी आशंका है कि चांदना अब सचिन पायलट से भी हाथ मिला सकते हैं। चांदना की खेमा अदला बदली अब सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
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