December 12, 2025

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राजस्थान: कांस्टेबल भर्ती परीक्षा लीक‌ मामले में एक महिला सहित 8 गिरफ्तार, परीक्षा हो चुकी‌ निरस्त

राजस्थान: कांस्टेबल भर्ती परीक्षा लीक‌ मामले में एक महिला सहित 8 गिरफ्तार, परीक्षा हो चुकी‌ निरस्त

एनसीआई@जयपुर

राजस्थान में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का एक पर्चा ‘लीक’ होने के बाद उसे निरस्त कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रश्न पत्र के ‘लीक’ होने से कांस्टेबल भर्ती से जुड़ी दूसरी पारी की परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। इस मामले में एसओजी ने पेपर लीक का केन्द्र बने स्कूल की केन्द्र अधीक्षक व सहायक‌ अधीक्षक सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर‌ लिया है।‌ एक फरार वीक्षक की तलाश जारी है। कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के तहत 14 मई को दूसरी पारी की परीक्षा के दौरान जयपुर के दिवाकर पब्लिक स्कूल के केन्द्र अधीक्षक द्वारा प्रश्न पत्र को समय से पहले खोल लिया गया। इस कारण इस प्रश्नपत्र को ‘लीक’ हुआ माना गया है।

जानकारी के अनुसार, 14 मई को दूसरी पारी में करीब पौने तीन लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, लेकिन अब यह परीक्षा दोबारा होगी। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा केन्द्र दिवाकर पब्लिक स्कूल के केन्द्र अधीक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस और गृह रक्षा विभाग ने कांस्टेबल व आरक्षी पद के लिए 13 मई से 16 मई तक लिखित परीक्षा आयोजित की थी।

कांस्टेबल पद की 4,588 भर्तियों के लिए 18,23,343 और गृह रक्षा विभाग में मुख्य आरक्षी व आरक्षी पद की 141 रिक्तियों के लिए 59,820 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 61.25 प्रतिशत यानी 11,53,523 अभ्यर्थी इन परीक्षाओं में शामिल हुए। इससे पहले, सोमवार को भरतपुर जिला पुलिस ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने का झांसा देने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

दूसरी ओर, मामले की जांच में सामने आया है कि 14 मई को दूसरी पारी में अपराह्न तीन बजे से शुरू होने वाला पेपर करीब 11.46 से 12.13 बजे के बीच में ही बाजार में आ गया था। करीब 1.47 बजे पर्चा सोशल मीडिया के माध्यम से एसओजी के पास पहुंच गया।

झोटवाड़ा के स्कूल से हुआ लीक, वीक्षक नदारद

एसओजी ने पड़ताल में झोटवाड़ा में परीक्षा केन्द्र बनाए गए दिवाकर पब्लिक सेकंडरी स्कूल को खंगाला है। यहां से पर्चा लीक हुआ माना जा रहा है। एसओजी ने सोमवार को ही मामला दर्ज कर परीक्षा केन्द्र की अधीक्षक शालू शर्मा, सहायक अधीक्षक मुकेश कुमार शर्मा, परीक्षा करवाने वाली टीसीएस कम्पनी के प्रतिनिधि राकेश व विक्रम और एएसआई रतनलाल को हिरासत में ले लिया था। वीक्षक मोहन की तलाशी की जा रही है। एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ का कहना है कि प्रकरण से जुड़े सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

सीसीटीवी कैमरे बंद करके 11.46 बजे शुरू हुआ लीक का खेल

अपराह्न तीन बजे शुरू होने वाली परीक्षा का पेपर सुबह 11 बजे ही केन्द्रों पर पहुंचा दिया जाता है। केन्द्र पर स्ट्रांग रूम के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे की पड़ताल से सामने आया है कि 14 मई को सुबह 11.46 से दोपहर 12.13 बजे तक कैमरा बंद रहा। 11.46 से केन्द्र का वीक्षक मोहन भी गायब था। अन्य कैमरे में मोहन स्ट्रांग रूम के पीछे जाता नजर आ रहा है। दोपहर 12.13 बजे जब कैमरे चालू हुए तो मोहन सीढियां चढ़ते हुए नजर आया। रिकॉर्डिंग की जांच में स्ट्रांग रूम में पेपर के बक्सों को रखने का क्रम भी गड़बड़ मिला। बक्सों से छेड़छाड़ की गई थी। पाबंदी के बावजूद सभी मोबाइल को उपयोग में लेते नजर आए।

पेपर रद्द, नकल विरोधी कानून में पहला मुकदमा दर्ज

इस खुलासे के बाद डीजीपी एमएल लाठर ने दूसरी पारी की यह परीक्षा निरस्त कर दी है। परीक्षा में 1.62 लाख परीक्षार्थी बैठे थे। प्रदेश में हाल में लागू हुए नए नकल विरोधी कानून के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह भी जानकारी मिली है कि एसओजी की टीम को पेपर रखने वाले स्ट्रांग रूम में कई गड़बड़ियां मिली हैं। पेपर आउट की जानकारी मिलते ही एसओजी की टीम एक्टिव हुई और दिवाकर पब्लिक स्कूल पहुंची। स्कूल के सीसीटीवी चेक किए गए तो करीब 30 मिनट की रिकॉर्डिंग गायब मिली। स्कूल का मोहन नामक एक वीक्षक के गायब होने की भी जानकारी है। यहां तक कि उसका फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। एसओजी की टीम मोहन की तलाश कर रही है।

इधर एक और पेपर लीक का शक

इधर 16 मई, सोमवार को हुई परीक्षा में भी एक गिरफ्तारी हुई है। दावा किया जा रहा है कि हरियाणा के महेन्द्रगढ़ निवासी अभ्यर्थी संदीप यादव 10 लाख रुपए में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर खरीदकर परीक्षा केन्द्र पहुंचा था। सोमवार की पहली पारी की परीक्षा में आए अभ्यर्थी को सुरक्षाकर्मियों ने प्रवेश द्वार पर ही गिरफ्तार कर लिया। उसके पास एक कागज पर 142 प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए थे। फिलहाल इस मामले में जांच के बाद ही लीक का खुलासा हो सकेगा।

बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष ने उठाए सवाल

राजस्थान पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक मामले पर बेरोजगार एकीकृत महासंघ प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि, पेपर लीक होना बेरोजगारों के साथ धोखा है। राजस्थान के कानून का मजाक उड़ाया जा रहा है। राजस्थान सरकार अपराधियों की सम्पत्ति को जब्त करे। साथ ही परीक्षा केन्द्र की मान्यता को भी रद्द किया जाए। अपराधी को जेल में डालते हुए आर्थिक जुर्माना किया जाए। पेपर लीक सम्बन्धी कानून को जल्द लागू करना होगा।

बीजेपी ने यह कसा तंज

वहीं, बीजेपी ने भी इस मामले पर सवाल उठाए हैं। पार्टी प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस राज में एक भी भर्ती पारदर्शिता के साथ नहीं हुई है। पारदर्शिता के साथ परीक्षा करवाने का दावा करने वाली पुलिस भी फेल है। इस परीक्षा को निरस्त करने के बाद अन्य परीक्षा पेपरों पर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं। क्या अन्य पेपर लीक नहीं हुए इसका क्या प्रमाण है? नकल विरोधी कानून आने के बाद भी हालात ज्यों के त्यों हैं। नकल माफिया ने नकल विरोधी कानून को भी ठेंगा दिखा दिया है।

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