बूंदी में गिरफ्तार हुए कांग्रेसी पार्षद के मसले को भी सांगोद विधायक एवं पूर्व मंत्री भरत सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उठाया, यह मांग की
एनसीआई@कोटा/बूंदी
कोटा जिले के सांगोद से विधायक एवं पूर्व मंत्री भरत सिंह अपने तीखे प्रहारों की वजह से जाने जाते हैं। वह लगातार अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं के खिलाफ खुलकर बोलते हैं, विशेषकर राज्य के खनन एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया उनके निशाने पर रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने एक मंत्री पर ऐसा ही हमला बोला है। मगर इस बार भरत सिंह ने बूंदी में 24 मई को डेढ़ लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए कांग्रेसी पार्षद रोहित बैरागी का मसला भी उठाया है। पूर्व मंत्री ने इस बारे में भी गहलोत को पत्र लिखा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता भरत सिंह ने अपने इस पत्र में कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है। वह लिखते हैं, “समाज में फैलता भ्रष्टाचार प्रजातंत्र के लिए बड़ी चुनौती है। प्रदेश में एसीबी (ACB) बहुत अच्छा कार्य कर रही है। बड़ी संख्या में भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारी तथा जनप्रतिनिधि भ्रष्ट आचरण करते पकड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, भ्रष्ट जनप्रतिनिधि को पार्टी से बर्खास्त करे।”
कांग्रेस विधायक ने लिखा “हाल ही में बूंदी से कांग्रेस के एक पार्षद को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा है। इस भ्रष्ट पार्षद को तुरंत पार्टी से बर्खास्त किया जाए। पंजाब सरकार ने एक भ्रष्ट मंत्री को बर्खास्त कर जेल भिजवाया है, यह देश में घटित एक बड़ी घटना है। जनता के बीच इसका अच्छा संदेश गया है।”
मंत्री के खिलाफ एसीबी में जांच विचाराधीन
पूर्व मंत्री ने कहा “प्रदेश की कांग्रेस सरकार में भी एक मंत्री अत्यंत भ्रष्ट है। मैं समय-समय पर भ्रष्टाचार के खिलाफ बोल रहा हूं, एसीबी में इस भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ जांच विचाराधीन है। आपसे अनुरोध है कि प्राथमिकता से इसकी जांच पूरी करवाई जाए। इस विषय पर मैंने एसीबी के महानिदेशक बीएल सोनी को भी पत्र लिखा है, कांग्रेस पार्टी के मुखिया के रूप में आपसे निवेदन करता हूं कि इस भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।”
पहले भी कई बार अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
भरत सिंह पहले भी अपनी ही सरकार के मंत्रियों के खिलाफ व अन्य विषयों को लेकर मोर्चा खोल चुके हैं। गोडावन की बात हो या खान विभाग विभाग में पट्टा जारी करने की बात हो, वह लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं। इससे पूर्व उन्होंने एक बार झोलाझाप चिकित्सकों की पैरवी कर डाली थी। इस पर उन्होंने सरकार को ही मंथन करने की नसीहत दे डाली थी।
