7 साल के बच्चे ने 14 वर्षीय दोस्त पर डीजल उड़ेल लगा दी आग
एनसीआई@कोटा
दोस्तों के बीच खेल-खेल के दौरान हुआ झगड़ा इतना बढ़ा कि 7 वर्षीय बालक ने गुस्से में आकर अपने 14 साल के दोस्त पर डीजल डाल कर आग लगा दी। इससे गम्भीर रूप से झुलसे उस बालक की इलाज के दौरान बुधवार को एक महीने बाद दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बच्चे के खिलाफ हत्या की धारा 302 में मुकदमा दर्ज किया है। मामला कोटा के उद्योग नगर क्षेत्र का है।
उद्योग नगर थानाधिकारी मनोज सिकरवार के अनुसार प्रेमनगर निवासी झुलसे हुए बालक विशाल ने हॉस्पिटल में बुधवार को दम तोड़ दिया। उसके पिता छोटेलाल सब्जी की दुकान लगाते हैं। विशाल भी अपने पिता की मदद किया करता था। वह पढ़ाई छोड़ चुका था।
12 मई को पिता-पुत्र दोनों मंडी से सब्जी खरीद कर लाए। इसके बाद पिता छोटेलाल अपनी दुकान पर चला गया, विशाल घर पर ही रह गया। बाद में वह पड़ोस में रहने वाले 7 वर्षीय लड़के के साथ वह खेलने लगा। आरोप है कि इसी दौरान दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इसकी भनक घरवालों को लगी, पर बच्चों का झगड़ा मान कर इसे किसी ने गम्भीरता से नहीं लिया। उन्होंने सोचा कि ये अपने आप शांत हो जाएंगे, मगर ऐसा नहीं हो सका। 7 साल के बच्चे ने पास में खड़े अपने पिता के ऑटो से डीजल से भरी बोतल निकाल साथी पर छिड़क दिया। वह लड़का कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उसने माचिस से आग भी लगा दी। इससे तड़पते हुए वह पास ही बनी पानी की टंकी में कूद गया। इससे आग तो बुझ गई, लेकिन वह बालक 50 फीसदी से ज्यादा झुलस चुका था। गम्भीर हालत में उसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां एक महीने तक उसका इलाज चला, मगर 50 फीसदी से अधिक झुलसा होने के कारण उसका इन्फेक्शन बढ़ता गया। इससे करीब एक महीने बाद उसने दम तोड़ दिया। दोपहर को शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया।
स्कूल में एडमिशन कराने के लिए लाए थे पिता
जिस बच्चे ने आग लगाई वह पहले मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के गांव में अपने दादा-दादी के पास रहता था। उसके पिता कोटा में ऑटो चलाते हैं। एक महीने पहले ही उसके पिता स्कूल में एडमिशन के लिए उसे यहां लाए थे। तभी उसकी दोस्ती पड़ोस में रहने वाले बच्चे से हुई थी। दोनों काफी समय से साथ-साथ खेलते थे।
जेजे एक्ट के तहत कार्रवाई
उद्योग नगर थाना अधिकारी मनोज सिकरवार ने बताया कि आरोपी बच्चे के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल यह आरोपी बच्चा अपने पिता के साथ श्योपुर (मध्य प्रदेश) में है। पुलिस बच्चे से नियमानुसार पूछताछ कर सकती है। उसके खिलाफ जेजे एक्ट के प्रावधानों के अनुसार ही कार्रवाई होगी।
