मूसेवाला मर्डर: हाईटेक हथियार से लेकर शूटर और गाड़ी तक राजस्थान की, साजिश भी यहीं बनी
एनसीआई@सीकर/नागौर/चंडीगढ़
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर में शामिल शूटर्स में से एक सुभाष बानूडा राजस्थान का रहने वाला था। पंजाब पुलिस की जांच में यह नाम सामने आया है। यहां तक कि हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए हाईटेक हथियार और बोलेरो गाड़ी भी राजस्थान से ही गई थी। पंजाब पुलिस ने 8 शूटर्स की पहचान कर ली है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इनके नामों का खुलासा बाद में करेंगे। सभी शूटर्स लॉरेंस गैंग से जुड़े हुए हैं।
इधर, बोलेरो को ट्रेक कर लिया गया है। हत्याकांड के तार राजस्थान, हरियाणा के फतेहाबाद, सोनीपत और सिरसा से जुड़े हुए हैं। दरअसल, रविवार रात पंजाब पुलिस ने हरियाणा के फतेहाबाद में दबिश देकर मुस्सावाली गांव के देवेन्द्र उर्फ काला को गिरफ्तार किया। इससे पहले भिरड़ाना से पवन और नसीब को अरेस्ट किया गया था। देवेन्द्र उर्फ काला ने पंजाब के दो व्यक्तियों केशव और चरणजीत सिंह को 16 व 17 मई को अपने घर ठहराया था। ये दोनों मर्डर में शामिल बताए जा रहे हैं। पवन और नसीब ने इसके बारे में पुलिस को जानकारी दी थी।
कुख्यात आनंदपाल के दोस्त का बेटा है बानूड़ा
सुभाष बानूड़ा राजस्थान के कुख्यात डॉन रहे आनंदपाल के जिगरी दोस्त गैंगस्टर बलवीर बानूड़ा का बेटा है। 8 साल पहले बीकानेर जेल में बलबीर बानूड़ा व आनंदपाल पर हमला हुआ था। इसमें बलबीर की मौत हो गई थी। बलवीर की हत्या हुई तब सुभाष 14 साल का था और 10 वीं में पढ़ रहा था। गैंगस्टर आनंदपाल का पुलिस के द्वारा किया गया एनकाउंटर तो देशभर में चर्चा का विषय रहा था।
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मूसेवाला हत्याकांड में जगरूप सिंह रूपा, प्रियव्रत फौजी, मनप्रीत भोलू, मनप्रीत मन्नू, संतोष जाधव, सुभाष बानूड़ा, सौरव महाकाल और हरकमल सिंह रानू शामिल पाए गए हैं। इनमें हरकमल, रूपा और मनप्रीत पंजाब के रहने वाले हैं। वहीं सुभाष बानूड़ा राजस्थान में सीकर का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक मूसेवाला की हत्या से 3 दिन पहले यह सब कोटकपुरा हाईवे पर मिले थे। इसके बाद ये कहां रुके, इसके बारे में पुलिस जांच कर रही है। इसके पीछे 2 लोगों की भूमिका सामने आ रही है।
रेकी से लेकर फरारी तक का कनेक्शन राजस्थान से
पंजाब पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि नसीब नामक आरोपी ही बोलेरो राजस्थान के रावतसर से हरियाणा के फतेहाबाद लाया था। रतिया पुल के पास उसने गाड़ी चरणजीत सिंह व केशव को सौंपी थी। सोनीपत के कुख्यात बदमाश प्रियव्रत फौजी और उसके साथी अंकित जाटी सिरसा भी उनके साथ गाड़ी में थे। ये 25 मई को पंजाब रवाना हुए थे और बीसला में गाड़ी में तेल डलवाते हुए एक सीसीटीवी में कैद हो गए थे। फौजी और सिरसा की गिरफ्तारी के लिए पंजाब पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
वहीं, इस मामले में रावतसर पुलिस का कहना है कि मोगा पुलिस किसी केस की तफ्तीश में रावतसर आई थी, लेकिन मूसेवाला केस में कुछ बात नहीं की। बोलेरो को लेकर भी कभी सरदार शहर तो कभी रावतसर का जिक्र किया जा रहा है।
लॉरेंस ने दिल्ली पुलिस के सामने कबूला, तीन बदमाश लाए थे हथियार
सूत्रों के मुताबिक गैंगस्टर लॉरेंस ने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल को बताया कि मूसेवाला की हत्या के लिए हथियार राजस्थान के जोधपुर से लाए गए थे। ये हथियार विजय, राका और रणजीत लेकर आए थे। बताया जा रहा है कि तीन तरह के हथियार काम में लिए गए थे। इनमें AN-94 और 9MM पिस्टल सहित अन्य हथियार भी थे। पुलिस जांच कर रही है कि कौन से हथियार कहां से आए थे।
