नंदी बैल लेकर मंदिर में ठहरे भगवा वेषधारी 6 युवक मुस्लिम निकले, बजरंग दल की शिकायत पर गिरफ्तार
एनसीआई@वैशाली
बिहार के वैशाली में साधु का भेष बना कर नंदी बैलों के साथ एक मंदिर में ठहरे हुए व भीख मांगने वाले 6 युवक मुस्लिम निकले। बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया, मगर बाद में इनका नाम पता तस्दीक हो जाने की बात कहते हुए छोड़ भी दिया। इनके नाम सय्यद अली, सुबराती, करीम अहमद, हसन और हलीम अहमद है।
जिस मंदिर में ये आरोपी ठहरे हुए थे, उसके पुजारी को इनकी कोई भी गतिविधि हिन्दुओं की तरह नहीं होने से उन पर शक हुआ। पुजारी का कहना है कि जमीन से अभिवादन के लिए सियाराम कहा जाता था तो यह प्रतिउत्तर नहीं देते थे, अभी तो कुछ न कुछ काम करने लग जाते थे। इसके अलावा ये बुलाने के बावजूद भी कभी भी आरती में शामिल नहीं होते थे। इससे उन्हें शक हुआ तो बजरंग दल के पदाधिकारियों को सूचित किया। इस पर बजरंग दल के जिला अध्यक्ष आर्यन सिंह आदि ने आकर इनसे पूछताछ की तो इन्होंने सच्चाई उगल दी।
इनका कहना था कि इनके पूर्वज भी इसी प्रकार खानाबदोश की जिंदगी जीते थे। मगर भगवा कपड़े धारण किए होने का इनके पास कोई जवाब नहीं था। इसके बाद बजरंग दल की ओर से इस मामले में पुलिस से शिकायत की गई। इस पर इन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। फिर इनके बताए गए पतों पर मालूम किया तो इनके वे नाम-पते सही पाए गए। इसके बाद पुलिस ने इन्हें छोड़ दिया। पुलिस का कहना था कि भगवा पहन कर भीख मांगने पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
पुलिस के इस जवाब से अलग यहां सवाल यह है कि इन युवकों ने पूर्व में अपने नाम लालचंद, डब्बू जैसे हिन्दू नाम बताए थे। इस प्रकार इन्होंने अपनी पूरी तरह पहचान छुपाई थी। इस पर भी क्या इन पर पुलिस को किसी अवांछित गतिविधि को अंजाम देने का शक नहीं हुआ?
‘बांग्लादेशी मुसलमान और रोहिंग्या हैं’
बजरंग दल के जिलाध्यक्ष आर्यन सिंह ने कहा कि हमने इनसे पूछा कि सावन के महीने में हिन्दू के वेष में नंदी महाराज को लेकर वैशाली जिले में क्यों आए हैं? यह बताने में आनाकानी करने लगे। आर्यन सिंह ने कहा कि गिरफ्तार मुस्लिम युवक बांग्लादेशी मुसलमान और रोहिंग्या हैं। ये जानबूझकर हमारी आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं। इसके साथ ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ये आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए हाजीपुर में आए हैं। उनके मोबाइल में जो नम्बर मिले हैं वह सब बांग्लादेश के हैं।
पुलिस ने जांच कर सबको छोड़ा
वहीं, पकड़े गए युवकों का कहना है कि वे पेट पालने के लिए ऐसा कर रहे थे। वैशाली के एसपी एसपी मनीष ने कहा कि सभी के नाम और पते का वेरीफिकेशन कराए जाने के बाद बॉन्ड भराकर सभी को छोड़ दिया गया है। एसपी ने कहा कि सभी लड़के गरीब तबके के हैं जो भीख मांग कर अपना गुजारा करते हैं।
