मुख्यमंत्री गहलोत ने कोटा, बूंदी व बारां के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण, नुकसान का किया आंकलन, अधिकारियों को राहत पहुंचाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल में प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, पीड़ितों को जल्द राहत पहुंचाने का दिया आश्वासन
एनसीआई@कोटा/बूंदी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को भारी वर्षा से प्रभावित बूंदी, कोटा और बारां जिले के विभिन्न क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव व राहत कार्यों के बारे में जानकारी लेकर फसल, पशुओं, सार्वजनिक एवं निजी सम्पत्तियों को हुए नुकसान का शीघ्र आंकलन कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए। गहलोत ने कहा कि आंकलन कर नियमानुसार प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को शीघ्र भिजवाएं, ताकि समय पर प्रभावितों को राहत पहुंचाई जा सके।
मुख्यमंत्री के साथ इस दौरान चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा, स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, विधायक रामनारायण मीणा व भरत सिंह रहे। इन सभी ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया। कोटा शहर में चम्बल नदी के आसपास के क्षेत्रों, सांगोद, इटावा, दीगोद व कनवास क्षेत्र में जल भराव स्थलों का सर्वे किया।
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार जलभराव की स्थिति को लेकर गम्भीर है। सरकार संकट की इस घड़ी में जनता के साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के साथ राहत पहुंचाने का कार्य किया जाए। उन्होंने आश्रय स्थलों पर की जा रही व्यवस्थाओं को जल निकासी तक जारी रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सूझ-बूझ से जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में कोई जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से रूबरू होकर जल भराव से उत्पन्न स्थिति और आश्रय स्थल पर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रभावित परिवारों को विश्वास दिलाया कि उनके नुकसान का सर्वे कराकर आपदा राहत नियमों के अनुसार त्वरित रूप से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ द्वारा 4 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया है।
