भारी बारिश से कोटा में बिगड़े हालात, 12 से अधिक कॉलोनियों में फंसे हजारों लोग, खाना तो दूर पीने के लिए साफ पानी भी नहीं हो रहा नसीब
एनसीआई@कोटा
21 अगस्त, रविवार की शाम से शुरू होकर अगले दिन 22 अगस्त, सोमवार की देर रात तक भी जारी रही मूसलाधार बारिश ने यहां आफत बरपा दी है। जिस ओर निगाह डालो पानी ही पानी नजर आ रहा है। दर्जनों कॉलोनियों-बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। यहां फंसे हुए हजारों लोगों को इसका खामियाजा उठाना पड़ रहा है। खाने की बात तो अलग पीने के लिए शुद्ध पानी तक उनके पास नहीं है। प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मगर 5 से 10 फीट तक पानी भरा होने के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को बारिश तकरीबन बंद रहने से अब हालात सुधरने की उम्मीद बंधी है।

करीब 1700 लोगों को रेस्क्यू किया
प्रशासन ने इस बीच दावा किया है कि जल प्लावन में फंसे हुए 630 लोगों को कोटा शहर में, वहीं करीब एक हजार लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में रेस्क्यू किया गया है। वह तो अच्छा रहा कि सोमवार रात से बारिश में थोड़ी कमी आई। मंगलवार को यह थमी रही, मगर पानी उतरने में समय लगेगा।
विभिन्न इलाकों में ऐसे मिले हालात
बारिश थमने के बाद जब शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा किया गया तो काफी जगह चिंताजनक हालात नजर आए। कौटिल्य नगर में 5 से 8 फीट तक पानी भरा हुआ मिला। स्थानीय वाशिंदों का कहना था कि, स्थिति बहुत बुरी है। घरों में दूध तक नहीं पहुंचा। सब्जी भी नहीं खरीद पा रहे। लोग काम-धंधे पर नहीं जा पाए। अगर बारिश फिर शुरू हो जाती है तो हालात और बुरे हो जाएंगे। दिनेश गुप्ता, राकेश शर्मा, रजनी बाला आदि ने यह बात कही। कमोबेश ऐसे ही हालात देवली अरब रोड स्थित बालाजी नगर के विभिन्न हिस्सों, तिरुपति आवास योजना आदि इलाकों में भी नजर आए। लोगों का दर्द यह था कि अगर किसी को अस्पताल भी जाने की जरूरत पड़ गई तो वह भी ऐसे बुरे हालातों में मुमकिन नहीं हो पाएगा। अधिकतर स्थानों पर कमर से भी अधिक ऊंचा पानी भरा हुआ है। इसी बीच एक राहत की खबर भी सामने आई थी जिस तिरुपति आवास योजना में कल सोमवार को बोट से लोगों को रेस्क्यू करना पड़ा था, वहां अब पानी उतरने लगा है।

दूसरी ओर,कोटा बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण शहर के निचले इलाकों में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था। चम्बल किनारे बसी बस्तियों के लोगों को सोमवार को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया था। वही, खतरे के बावजूद इन बस्तियों में रहने वाले काफी लोग अन्यत्र जाने को तैयार नहीं हैं। उन्हें भी समझा-बुझा कर आश्रय स्थलों पर भेजने की कोशिश की जा रही थी।
बोट से निकाल सुरक्षित जगह पर पहुंचाया
नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि कोटा में जलभराव वाले इलाकों से 630 लोगों को रेस्क्यू किया गया। इनमें नयानोहरा, तिरुपति आवास, बालाजी नगर, कौटिल्य नगर, तालाब गांव आदि इलाकों से लोगों को बोट के जरिए निकाला गया।
कई लोग घर छोड़कर जाने को तैयार नहीं
जिला प्रशासन के द्वारा निचली बस्तियों से 1500 लोगों को शिफ्ट कर दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों से 1000 लोगों को शिफ्ट किया गया। कोटा शहर में अभी भी करीब तीन हजार लोग जल प्लावन वाले इलाकों में फंसे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये लोग अपने घर छोड़कर कहीं और जाने को तैयार नहीं हैं।
