ब्रिटेन के लीसेस्टर में मंदिर पर हमला कर भगवा ध्वज नीचे गिराया, पुलिस देखती रही, हिन्दू-मुस्लिम हिंसा में 27 गिरफ्तार, तनाव बरकरार
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में पिछले कई दिनों से जारी हिन्दू-मुस्लिम तनाव के बीच मुस्लिम कट्टरपंथियों ने एक मंदिर पर हमला कर भगवा ध्वज का अपमान कर उसे उतार दिया। इससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया। बड़ी बात यह है कि मुस्लिम कट्टरपंथियों ने यह वारदात पुलिस की आंखों के सामने की। इससे शनिवार और रविवार को दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़पें हुईं।

पुलिस ने हिंसा के मामलों में अब तक 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही सभी से शांति की अपील की है, लेकिन इस अपील का कोई असर नजर नहीं आ रहा है। तनाव बदस्तूर कायम है। ब्रिटेन के इस शहर में अशांति व गड़बड़ी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। लीसेस्टर लंदन का निकटवर्ती शहर है।
भारत-पाकिस्तान मैच के बाद भड़की थी हिंसा
गौरतलब है कि एशिया कप 2022 के दौरान 28 अगस्त को हुए भारत-पाकिस्तान मैच के बाद पूर्वी इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में हिंसा भड़क गई थी। इस मैच में भारत के हाथों पाकिस्तान की हार हुई थी। इसके बाद यहां से हिन्दुओं पर हिंसक हमले की खबरें सामने आईं थीं। इसके विरोध में लीसेस्टर शहर में ही रविवार, 18 सितम्बर को कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हिन्दुओं के समूह पर कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया था। इसके अलावा उन्होंने अल्लाहु अकबर का नारा लगाते हुए मंदिर पर हमला कर भगवा ध्वज का अपमान कर उसे नीचे गिरा दिया था। बताया गया है कि सैकड़ों कट्टरपंथियों ने हिन्दुओं और उनके आसपास के घरों पर भी हमला किया था। इसके विरोध में हिन्दुओं ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। कट्टरपंथी भीड़ इतनी बेकाबू थी कि पुलिस ने बाद में जब इन्हें रोकने की कोशिश की तो उस पर भी कांच की बोतलें फेंकी गईं। लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने सम्पत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचाया। वायरल वीडियो में कट्टरपंथियों को काले रंग के मास्क से पूरा चेहरा ढके हुए, हुड लगाए हुए शिवालय में घुस कर ऊपर लगे भगवा ध्वज को अपमानित करते देख सकते हैं, जबकि सामने भारी संख्या में पुलिस भी दिखाई दे रही है।

हिन्दुओं पर हमले के लिए फैलाए गए दो झूठ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हिन्दुओं पर हमला करने के लिए दो झूठ का सहारा लिया। पहला यह कि उन्होंने (हिन्दुओं) मस्जिद पर हमला किया और दूसरा हिन्दुओं द्वारा एक मुस्लिम लड़की का अपहरण किया गया। जबकि, लीसेस्टरशायर पुलिस (Leicestershire Police) के एक प्रवक्ता ने इन खबरों को फर्जी बताया था।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से छापा है कि शनिवार (17 सितम्बर 2022) को यह हिंसा तब शुरू हुई, जब बर्मिंघम में मुस्लिमों ने लीसेस्टर में ‘शांतिपूर्ण विरोध’ का आह्वान किया। इसके लिए उन्होंने एक पोस्टर बनाया, जिसमें उन्होंने कुछ मुद्दों का उल्लेख किया। पोस्टर में लिखा था, ‘हम लेस्टा में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। आरएसएस हिन्दुत्व चरमपंथियों को हमारी मुस्लिम, सिख महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे।’
यहां आमने-सामने हो गए दोनों पक्ष
उल्लेखनीय है कि ग्रेवल रोड पर हिन्दुओं ने भी एक मार्च निकला था। वहां जब दोनों पक्ष आमने सामने आए तो यह विरोध प्रदर्शन हिंसा में बदल गया। एक तरफ जय श्री राम और वंदे मातरम और दूसरी तरफ अल्लाहु अकबर के नारे लगे। मंदिर से भगवा झंडे को तोड़ा गया। एक अन्य वीडियो में कार को तोड़ते और उसे पलटते हुए भी दिखाया गया है। इसके अलावा भी हिंसा के और कई वीडियो सामने आए हैं।

मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
लीसेस्टरशायर ब्रह्म समाज शिवालय (Leicestershire Brahma Samaj Shivalaya) के ट्रस्टियों की अध्यक्ष मधु शास्त्री ने लीसेस्टरशायर पुलिस को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि मंदिर से झंडा तोड़ने वालों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि तनाव कम होने तक मंदिर को बंद करना पड़ सकता है। शास्त्री ने पुलिस से मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की। वहीं पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
हिन्दुओं पर हमले की कई वीडियो
इससे पहले भी ब्रिटेन के लिसेस्टर शहर से हिन्दुओं पर हमले के कई वीडियोज सामने आ चुके हैं। वीडियो में देखा जा सकता था कि इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ इकट्ठा करके हिन्दुओं के घरों को निशाना बना रहे हैं। उनके हाथों में हथियार और मुंह में हिन्दुओं के लिए गालियां थीं। सड़कों से पुलिस नदारद दिखाई दे रही थी। उन्हें कोई नहीं रोक रहा था। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर वामपंथी हिंदुओं को ही इन हमलों का दोषी बता रहे थे।
शांति बहाली के प्रयास जारी
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इलाके में शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। बड़ी संख्या में लोगों की तलाशी ली गई है। हिंसा और नुकसान की कई घटनाएं सामने आई हैं। इनकी जांच की जा रही है। हिंसा या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे हालात से हिन्दू स्तब्ध और दुखी
लीसेस्टर के हिन्दुओं का कहना है कि वे शनिवार रात की झड़प व अव्यवस्था से बहुत दुखी और स्तब्ध हैं। पिछले कई दशकों से शहर में सद्भाव से रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों की घटनाओं से चिंतित हैं। संजीव पटेल ने कहा कि हिन्दू और जैन समुदाय हमारे मुस्लिम भाइयों- बहनों और नेताओं के साथ लगातार शांति के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया के दुष्प्रचार से सावधान रहने की अपील की।
