आंखें निकाल देने, उंगलियां, हाथ काट देने जैसी धमकियां देने वाले बूंदी के शहर काजी मुफ्ती नदीम की अब यह अपील
एनसीआई@बूंदी
बीते जून माह में अपने बेहद विवादित बयान के कारण देशभर में खूब चर्चा का विषय रहे बूंदी के शहर काजी मुफ्ती नदीम की अब एक अलग ही अपील सामने आई है। माना जा रहा है कि यह उसकी छवि सुधारने की कवायद है।
तत्कालीन बीजेपी प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पैगम्बर मोहम्मद पर दिए गए बयान के विरोध में जिला कलक्ट्रेट में मुस्लिम समाज के प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए नदीम ने उसकी विचारधारा के विरोधियों की आंखें निकाल देने, उंगलियां, हाथ काट देने जैसी धमकी दी थी। यह वीडियो देशभर में खूब चर्चा का विषय बना था। इसमें बड़ी बात यह थी कि बूंदी शहर काजी सहित इस प्रदर्शन में मौजूद सभी लोग नदीम के बयान के समर्थन की मुद्रा में थे। तकरीबन सभी न्यूज़ चैनल ने इसे दिखाया था। इस पर बीजेपी के द्वारा हंगामे कर पर, 27 दिन बाद जाकर पुलिस ने 1 जुलाई को उसे गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, मगर उसे 24 घंटे बाद ही जमानत मिल गई थी। इस मुद्दे पर भी जिला प्रशासन पर बहुत सवाल उठे थे।
अब यह अपील
इन्हीं नदीम की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, “आप सभी को मालूम है कि कुछ समय से ‘गायों के अन्दर एक लम्पी वायरस जैसी’ बीमारी आ रही है, जिससे राज्य में कई गायों की मृत्यु भी हो चुकी है। जो कि बेहद दुख भरी खबर है। बूंदी जिले की तमाम मस्जिदों के इमामों से अपील है कि जुम्मे की नमाज़ में दुआ करें कि अल्लाह पाक जल्द इस बीमारी से सभी गायों को शिफा अता करे और इस वायरस का जल्द खात्मा हो।
दिया था यह भड़काऊ बयान
गौरतलब है कि बूंदी जिला कलक्ट्रेट पर तत्कालीन बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मौलाना मुफ्ती नदीम अख्तर ने कहा था, “अगर कोई आंख उठाएगा…उसकी आंख नोच लेंगे, अगर कोई उंगली उठाएगा तो उसकी उंगली तोड़ देंगे, कोई हाथ उठाएगा तो हाथ काट देंगे।” उसने आगे कहा था, “हमारे पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ बोलने वालों पर कार्रवाई नहीं करेगा और एक्शन नहीं लेगा तो मुस्लिम समाज रिएक्शन करना भी जानता है। आगे बूंदी शहर और देश के मुसलमानों को उकसाते हुए कहा था, “हमने जब-जब भी किसी के खिलाफ आवाज उठाई है तो वह बचा नहीं है।”
