दीपोत्सव: लोक कलाकारों ने नवल सागर झील किनारे दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, जिला कलक्टर ने झील में किया दीपदान
एनसीआई@बूंदी
दीपावली के अवसर पर जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग की ओर से शनिवार को नवल सागर झील के किनारे ‘दीपोत्सव’ कार्यक्रम के तहत रंगारंग सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर मुकेश कुमार चौधरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी करतार सिंह, नगर परिषद की सभापति मधु नुवाल, उपखंड अधिकारी बूंदी सोहन लाल, अरबन कॉपरेटिव बैंक चेयरमेन सत्येश शर्मा एवं राज्य मेला प्राधिकरण समिति सदस्य भरत शर्मा ने शिरकत की।

कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुतियों की दर्शकों ने खूब सराहना की। सांस्कृतिक संध्या में लंगा बंधुओं ने केसरिया बालम की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। वहीं चरी नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। लोक कलाकारों ने नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने भवाई नृत्य के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस पर लोगों ने तालियां बजाकर प्रोत्साहित किया। सांस्कृतिक संध्या के दौरान कालबेलिया और घूमर नृत्य को खूब सराहना मिली।
कार्यक्रम में नगर परिषद आयुक्त महावीर सिंह सिसोदिया, सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेमशंकर सैनी, बूंदी महोत्सव समिति सदस्य एडवोकेट राजकुमार दाधीच, अशोक तलवास, पंडित ज्योतिशंकर शर्मा, मेहमूद अली सहित अन्य गणमान्य शहरवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन भूपेन्द्र शर्मा ने किया। कार्यक्रम के समापन के बाद आतिशबाजी भी हुई।

दीपोत्सव कार्यक्रम के तहत ऐतिहासिक नवल सागर झील में दीपदान भी किया गया। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ मां गंगा की आरती उतारी और झील में दीपदान किया। इसके बाद भव्य आतिशबाजी भी हुई।
रानी जी की बावड़ी पर कच्छी घोड़ी नृत्य होगा
सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर सैनी ने बताया कि दीपोत्सव कार्यक्रम की कड़ी में 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक रानी जी की बावड़ी पर कलाकार कच्छी घोड़ी नृत्य प्रस्तुत करेंगे। वहीं 24 अक्टूबर को सुबह 8 बजे चौगान दरवाजे पर शहनाई वादन होगा। इसी दिन रात 8 बजे गढ़ पैलेस ट्रस्ट की ओर से गढ़ पैलसे पर भव्य आतिशबाजी की जाएगी।
