बूंदी के इस हॉस्पिटल में 64 वर्षीय महिला का हुआ जटिल ऑपरेशन, लौट आई रोशनी
एनसीआई@बूंदी
खोजागेट रोड स्थित अग्रवाल आई हॉस्पिटल अब जटिल नेत्र रोगों के उपचार का केन्द्र बनता जा रहा है। इसी शृंखला में एक 64 वर्ष की महिला की आंखों के घातक व जटिल मोतियाबिंद (पोस्टिरियर पोलर कैटेरेक्ट) का भी सफल ऑपरेशन कर नेेत्र सर्जन डॉ. संजय गुप्ता ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि मोतियाबिंद आंख के पृष्ठ भाग की झिल्ली से बड़ी गहनता से चिपका रहता है। ऑपरेशन के समय 30 प्रतिशत केसेज में यह झिल्ली कमजोर होकर फट जाती है, जिससे मोतियाबिंद के टुकड़े पर्दे पर गिरने की आशंका बढ़ जाती है। इस कारण लेंस नहीं लग पाने से मरीज की आंखों की रोशनी कम रहती है। ऐसे मोतियाबिंद ज्यादातर उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर ही ऑपरेट हो पाते हैं। मगर डॉ. गुप्ता ने इस रोगी का लो-वैक्यूम, लो फ्लो रेट व्हाइट स्टार फेको तकनीक से सफल ऑपरेशन किया। झिल्ली मे छेद निकलने पर विट्रेक्टोमी तकनीक से लेंस प्रत्यारोपण भी कर दिया। इस ऑपरेशन मे सोवेरिन काॅम्पेक्ट फेको मशीन का रोल बड़ा अहम रहा।
अग्रवाल आई हॉस्पिटल से दी गई जानकारी के अनुसार गत माह डाॅ. संजय गुप्ता ने कोटा में आयोजित राज्य स्तरीय नेत्र महा अधिवेशन में अपनी इस पोस्टिरियर पोलर कैटेरेक्ट तकनीक पर व्याख्यान दिया था। इस अवसर पर राजस्थान भर के 400 नेत्र विशेषज्ञ मौजूद थे। अग्रवाल आई हॉस्पिटल का दावा है कि विश्व की आधुनिकतम अमेरिकन सोवेरिन फेको मशीन बूंदी में सिर्फ उन्हीं के हॉस्पिटल में लगी हुई है।
