तवांग में गलवान जैसी भिड़ंत, करीब 25 चीनी व 8 भारतीय सैनिक घायल
एनसीआई@नई दिल्ली
अरुणाचल प्रदेश के यांगत्से इलाके में भारत-चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई है। यहां 300 से ज्यादा चीनी सैनिकों ने 17 हजार फीट की ऊंचाई पर एक चोटी की ओर बढ़ने की कोशिश की। भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों के इस इरादे को नाकाम कर दिया। ये चोटी अभी बर्फ से ढकी हुई है। सेना के सूत्रों के अनुसार इस झड़प में भारत से ज्यादा चीन के जवान जख्मी हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि जून 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हुई थी।
चीन ने एक बार दुस्साहस किया है। 30 महीने पहले लद्दाख और अब अरुणाचल प्रदेश के यांगत्से इलाके में विश्वासघात किया है। एलएसी पर तवांग के पास 15 हजार फीट की ऊंचाई पर भारत-चीन के सैनिकों के बीच भिड़ंत हो गई। इसमें करीब 25 चाइनीज व 8 भारतीय सैनिक घायल हो गए। ये झड़प 9 दिसम्बर को हुई थी। हालांकि, झड़प के बाद दोनों देशों के सैनिक पीछे हट गए हैं। दोनों देशों के कमांडर स्तर पर फ्लैग मीटिंग हुई।
चीन के विश्वासघात करने की ये कोई पहली घटना नहीं है। कई बार ऐसे मौके आए हैं, जब दोनों देशों के सैनिकों में झड़प हुई है। कुछ महीने पहले दोनों देशों के बीच हुई कमांडर स्तर की बातचीत के बाद शांति देखने को मिल रही थी। मगर 9 दिसम्बर को चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की, तो फिर दोनों पक्षों के बीच तगड़ी झड़प हुई।
17 हजार फीट की ऊंचाई पर हुई झड़प
उल्लेखनीय है कि एलएसी पर कुछ इलाकों को लेकर विवाद है। चीन इन हिस्सों पर कब्जा करने की कोशिश करता है। चीन अब एक रणनीति के तहत लद्दाख के अलावा अरुणाचल प्रदेश में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, पहले से मुस्तैद भारतीय जवानों ने मोर्चा सम्भाला। गोलीबारी की बात सामने नहीं आ रही है। अब तक धक्का मुक्की की खबर है। चीन के करीब 300 सैनिक यहां आए थे। इससे ज्यादा संख्या में भारतीय सैनिक मौजूद थे। 17 हजार फीट की ऊंचाई पर ये घटना हुई है। वर्ष 2006 के बाद चीनी सेना पहले से इस तरह की नाकाम कोशिशें करती आई है। इसी तरह का तनाव सिक्किम में भी बना हुआ है।
