अनिल एंटनी के बाद कांग्रेस को एक और बड़ा झटका: यहां पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा में हुए शामिल
एनसीआई@नई दिल्ली
आंध्र प्रदेश में बीजेपी ने कांग्रेस को एक बड़ा झटका दिया है। आंध्र के पूर्व सीएम किरण कुमार रेड्डी (Kiran Kumar Reddy) शुक्रवार को बीजेपी में शामिल हो गए। किरण कुमार रेड्डी ने संयुक्त आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था। वे पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। मार्च महीने में रेड्डी ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उल्लेखनीय है कि कल गुरुवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एके एंटनी के पुत्र अनिल एंटनी बीजेपी में शामिल हो गए थे।
इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ‘किरण कुमार रेड्डी के परिवार के कई सदस्य कांग्रेस (Congress) में थे। कुछ समय पहले जब मैं उनसे मिला तो उन्होंने मुझे बताया कि वे पीएम मोदी से प्रभावित हैं। आज वह एक बड़ी छलांग लगाते हुए बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।’
जोशी ने कहा कि ‘वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेंगे, क्योंकि एक विधायक और मंत्री के रूप में उनकी छवि बहुत साफ रही है। आंध्र प्रदेश में भाजपा के लिए यह एक बड़ा बढ़ावा होगा। ’ शुक्रवार को केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी की मौजूदगी में कांग्रेस के पूर्व नेता एवं अविभाजित आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
किरण कुमार रेड्डी के बारे में जानें
सितम्बर, 1959 में जन्मे रेड्डी ने 25 नवम्बर, 2010 से 01 मार्च, 2014 तक अविभाजित आंध्र प्रदेश के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। 2 जून, 2014 को तेलंगाना राज्य के गठन से पहले वह संयुक्त आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री थे। किरण कुमार रेड्डी ने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक लाइन का त्याग पत्र भेजकर कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया था। उनको बीजेपी ज्वॉइन कराने का समारोह नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में आयोजित किया गया था।
इससे पहले भी दे चुके हैं इस्तीफा
किरण कुमार ने इससे पहले भी वर्ष 2014 में तत्कालीन यूपीए सरकार के आंध्र प्रदेश को विभाजित करने और तेलंगाना को अलग करने के फैसले के विरोध में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
फैसले का विरोध इस कदर था कि उन्होंने इस्तीफा देने के तुरंत बाद अपनी खुद की पार्टी ‘जय समैक्य आंध्र’ बनाई, लेकिन वह 2014 के चुनावों में ठीक प्रदर्शन नहीं कर सकी। बाद के सालों में रेड्डी ने फिर से कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। हालांकि, आज उन्होंने आधिकारिक रूप से बीजेपी ज्वॉइन कर ली है, आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी उन्हें राज्य ईकाई में क्या भूमिका देती है।
कांग्रेस ने भुगता था आंध्र प्रदेश के विभाजन का खामियाजा
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के आंध्र प्रदेश के एक फैसले की वजह से उसकी राज्य ईकाई को बहुत राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ा था। उसके कई शीर्ष पार्टी नेताओं ने विरोध में प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उस एक फैसले का दुष्प्रभाव ऐसा है कि उसके बाद से हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस अब तक आंध्र प्रदेश में एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी है।
