अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन करेंगे पायलट, बोले-वसुंधरा पर एक्शन नहीं लिया, लोग सोचेंगे मिली भगत है
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान के पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी की सरकार पर गम्भीर सवाल खड़े कर उसे भारी परेशानी में डाल दिया है। पायलट ने रविवार को अपने जयपुर स्थित घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इसमें उन्होंने कहा, “मैंने मुख्यमंत्री गहलोत से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन गहलोत ने कोई एक्शन नहीं लिया।” पायलट ने इसके विरोध में 11 अप्रेल को जयपुर में शहीद स्मारक पर एक दिन का अनशन करने की घोषणा भी की। यहां उन्होंने भ्रष्टाचार की जांच से जुड़े सीएम गहलोत के कुछ बयानों के पुराने वीडियो भी मीडिया को दिखाए।

पायलट ने कहा, “वसुंधरा सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं की गई। जबकि विपक्ष में रहते हुए हमने यह वादा किया था कि जांच कराई जाएगी। चुनाव को 6-7 महीने बचे हैं, विरोधी भ्रम फैला सकते हैं कि कहीं कोई मिलीभगत तो नहीं है, यह साबित करने के लिए जल्दी कार्रवाई करनी होगी। ताकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगे कि हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है।”
पायलट ने ये बड़ी बातें कहीं-
1. 45 हजार करोड़ के घोटालों का मुद्दा उठाया था:
पायलट ने जयपुर के अपने घर पर बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “वसुंधरा सरकार के वक्त विपक्ष में रहते हुए हमने 45 हजार करोड़ के घाेटालों को लेकर आवाज उठाई थी और यह वादा किया था कि सरकार आएगी तो इन घोटालों पर निष्पक्ष तरीके से जांच करवाएंगे और दोषियों को सजा देंगे।”
2. गहलोत से आग्रह किया, चिट्ठी भी लिखी:
पायलट बोले, “मैंने कभी द्वेषपूर्ण कार्रवाई के लिए नहीं कहा, लेकिन विपक्ष के रूप में बनी हमारी विश्वसनीयता को बरकरार रखना होगा। मैंने सीएम गहलोत से आग्रह किया था। 28 मार्च 2022 को पहली चिट्ठी लिखी थी। उस पर कोई जवाब नहीं मिला। फिर दूसरी चिट्ठी लिखी, उसका भी जवाब नहीं आया। केन्द्र सरकार पिछले कुछ समय से विपक्ष के लोगों को टारगेट कर रही है। ईडी ने जिन नेताओं नोटिस दिया या छापे डाले, उनमें से 95 फीसदी नेता विपक्ष के हैं।”
3. चुनाव में लोग हम पर यकीन करें, इसलिए एक्शन जरूरी:
सचिन पायलट ने कहा, ‘क्या कारण है कि बार-बार सत्ता में आने के बावजूद हम विपक्ष में रहते जो आरोप लगाते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं करते। हम दोबारा जब चुनाव में जाएंगे तो हमारी बात पर कोई यकीन करे, इसलिए जरूरी है कि हम कोई एक्शन लें।”
5. जांच नहीं होगी तो कैसे पता चलेगा दोषी कौन है?:
पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट बोले, “अशोक गहलोत और मैंने मिलकर आरोप लगाए थे, जब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो, तब तक कैसे पता लगेगा। जांच में अगर निकल कर आता है कि कोई दोषी नहीं था तो मान लेंगे कि गहलोतजी और मैं झूठे थे। जब तक कोई केस रजिस्टर्ड नहीं होगा, तब तक लोग कैसे मान लेंगे कि हमने जो आरोप लगाए थे, वह सही हैं या गलत।”
6. हाईकमान को भी दिया था सुझाव:
पायलट ने कहा, “मैंने राजस्थान को लेकर हाईकमान को जो सुझाव दिए थे, उनमें से एक सुझाव यह भी था कि हमने विपक्ष में रहते हुए जो भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगाए थे, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा नहीं लगना चाहिए कि हमने केवल चुनाव की रोटियां सेकने के लिए आरोप लगाए थे। सवा चार साल बीत जाने के बावजूद आज तक कार्रवाई नहीं हुई।”
7. सीबीआई को नहीं दिया मामला
सचिन पायलट ने कहा कि साढ़े चार साल बाद भी मामले को सीबीआई को नहीं दिया गया। पायलट ने कहा- भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस की जो नो टॉलरेंस पॉलिसी है, उस पर कार्रवाई करके बताएं। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है?

एक दिन का अनशन करेंगे पायलट
पायलट ने कहा- ‘मैंने 28 मार्च 2022 और 2 नवम्बर 20220 को सीएम अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखी थी। अब तक कोई एक्शन नहीं हुआ। 11 अप्रेल को प्रसिद्ध समाज सुधारक ज्योतिबा राव फुले की जयंती है , उसी दिन मैं शहीद स्मारक पर एक दिन का अनशन करूंगा। मैने जिला प्रशासन को इस बारे में सूचना दे दी है। जनता जनार्दन है।’
