बूंदी: ग्राम पंचायतों में ऐसी धांधलियां, प्रशासन अनभिज्ञ, पौने दो महीने बाद हुआ खुलासा
एनसीआई@बूंदी
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) करतार सिंह ने बुधवार को पंचायत समिति बूंदी की ग्राम पंचायत लालपुरा व लीलेड़ा व्यासान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम पंचायत लालपुरा में बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया। ग्राम विकास अधिकारी राकेश अरविंद पौने दो महीने से गैरहाजिर चल रहा था, वहीं प्रशासन इससे अनभिज्ञ रहा।
दरअसल, सीईओ ने ग्राम पंचायत लालपुरा का उपस्थिति रजिस्टर जांचा तो सामने आया कि ग्राम विकास अधिकारी राकेश अरविंद 17 फरवरी से गैरहाजिर चल रहा है। इस पर सीईओ ने उसे निलम्बित किया। इसके अलावा पूर्व ग्राम विकास अधिकारी रघुवीर सिंह सोलंकी के 6 जनवरी से 16 फरवरी तक के हस्ताक्षर नहीं पाए जाने पर उसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
इधर, सीईओ करतार सिंह के लीलेड़ा व्यासान ग्राम पंचायत के निरीक्षण के दौरान ग्राम विकास अधिकारी प्रेषक कुमार के अनुपस्थित पाए जाने पर उसे कारण बताओ नोटिस तथा कनिष्ठ सहायक सुमित विजयवर्गीय को 17 सीसीए के तहत नोटिस जारी किया गया।
इसके बाद सीईओ ने मोबाइल पर सभी विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों का नियमानुसार औचक निरीक्षण करें। अनुपस्थित कार्मिकों तथा राजकीय योजनाओं के संचालन में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाए।
अब यहां बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि इतने लम्बे समय से ग्राम पंचायतों में ऐसी अनियमितताएं चल रही हैं, इसके बावजूद इनसे सम्बन्धित कामकाज किस प्रकार संधारित किए जा रहे हैं?
