सेन्ट्रल एजेंसियों का इनपुट: अमृतपाल की राजस्थान में पाकिस्तान से सटे बॉर्डर पर तलाश, पांच जिलों में सर्च ऑपरेशन
एनसीआई@जयपुर
पंजाब पुलिस के मोस्ट वांटेड, खालिस्तान समर्थक अमृतपाल को लेकर अब राजस्थान पुलिस भी एक्टिव हो गई है। सेन्ट्रल एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि वह राजस्थान के बॉर्डर के इलाकों में छिपा हो सकता है।
दरअसल, अमृतपाल सिंह के पंजाब से राजस्थान में भागने का इनपुट मिला है। इसी को लेकर प्रदेश के पांच जिलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आशंका है कि वह इन बॉर्डर इलाकों से होते हुए पाकिस्तान भाग सकता है।

डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर कुछ जिलों में सर्च चल रहा है। राजस्थान पुलिस के साथ अन्य एजेंसियां भी अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पूरा प्रयास कर रही हैं।
डीजीपी ने बताया कि जब तक सर्च पूरा नहीं हो जाता है, ऑपरेशन को गोपनीय रखा जाएगा। वहीं सूत्रों के अनुसार पंजाब पुलिस के साथ मिलकर राजस्थान पुलिस श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बीकानेर व बाड़मेर से सटे बॉर्डर इलाकों में सर्च कर रही है।
राजस्थान पुलिस के साथ सेन्ट्रल एजेंसियां भी अमृतपाल के सम्भावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस मुख्यालय से एक सीनियर आईपीएस अधिकारी को भी इन जिलों में ऑपरेशन की मॉनिटरिंग के लिए भेजा गया है।
जगह-जगह लगाए पोस्टर
वारिस पंजाब का प्रमुख अमृतपाल सिंह करीब 27 दिन से फरार है। पंजाब पुलिस लगातार उसकी तलाश में सर्च अभियान चला रही है, लेकिन अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पंजाब पुलिस के लिए अमृतपाल एक चुनौती बनता जा रहा है। अब अमृतपाल को पकड़ने के लिए पुलिस ने आम जनता से सहयोग मांगा है।
पंजाब के रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड पर अमृतपाल के पोस्टर लगाए है। इन पोस्टरों पर लिखा है कि कई वांछित मामलों में पुलिस को अमृतपाल सिंह की तलाश है। अगर किसी को कोई जानकारी मिले तो इसकी तुरंत पुलिस को सूचना दे। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि अमृतपाल सिंह की सूचना देने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा और उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा।
अमृतपाल इसलिए निशाने पर आया
वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल की बयानबाजी को पहले सरकार तरजीह नहीं दे रही थी। अमृतपाल ने सरकार के खिलाफ जमकर आग उगली। फिर 23 फरवरी को अमृतपाल ने साथियों के साथ अमृतसर के अजनाला पुलिस थाने पर हमला कर दिया। इससे पंजाब पुलिस की जमकर किरकिरी हुई। इससे सरकार भी सतर्क हो गई। इसके बाद ही अमृतपाल के खिलाफ कार्रवाई का फैसला हुआ।
विदेश से फंडिंग का शक, एनआईए की एंट्री सम्भव
अमृतपाल के लिंक आईएसआई के साथ जुड़े होने के प्रारम्भिक संकेत मिलने के बाद केन्द्र सरकार भी अलर्ट हो गई थी। अमृतपाल को विदेश से फंडिंग मिलने का शक है। उसके महंगी गाड़ियों में सफर करने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में इस केस में जल्दी ही एनआईए की एंट्री हो सकती है।
