डॉक्टर ने एमएलसी की रिपोर्ट के लिए मांगी थी शराब की बोतल, एक साल बाद एसीबी ने कोटा बस स्टेंड से पकड़ा
एनसीआई@कोटा
एमएलसी रिपोर्ट तैयार करने की एवज में रिश्वत मांगने के करीब साल भर पुराने मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो स्पेशल यूनिट कोटा ने राजकीय जिला चिकित्सालय बूंदी के वरिष्ठ विशेषज्ञएक डॉ. दीनदयाल मीणा (डीडी मीणा) को कोटा बस स्टेंड से पकड़ा। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।

एसीबी स्पेशल यूनिट के कोटा प्रभारी डीएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद आरोपी डॉ. मीणा को नोटिस दिया गया था। वह एक महीने से ड्यूटी से फरार चल रहा था।
यह था मामला
डीएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि 21 मार्च 2022 को बूंदी निवासी परिवादी मोहम्मद साबिर ने एसीबी चौकी कोटा को शिकायत दी थी। इसमें बताया था उसके पिता का पड़ोसी से झगड़ा था। पड़ोसी ने 8-10 लोगों के साथ मिलकर पिता पर तलवार,सरिए व चाकू से हमला कर घायल कर दिया था। पिता को इलाज के लिए बूंदी हॉस्पिटल से कोटा रेफर किया गया। इस पर पिता की मेडिकल रिपोर्ट बनाने के लिए वह डॉ. डीडी मीणा से मिला तो वह बार-बार टालते रहे। रिक्वेस्ट करने पर डॉ. डीडी मीणा कोटा एमबीएस हॉस्पिटल आए और उन्होंने कहा कि तुम्हारे पिता की अच्छी एमएलसी रिपोर्ट तैयार करानी है तो सेवा पानी करनी पड़ेगी। तुम तुम्हारे पड़ोसी जबिद हुसैन को साथ लेकर बूंदी हॉस्पिटल आ जाना, मेरा खर्चा पानी भी लेकर आना।
शिकायत सत्यापन में परिवादी मोहम्मद साबिर पड़ोसी जाबिद हुसैन के साथ डॉ. डीडी मीणा के पास गया। डॉ. मीणा ने एमएलसी रिपोर्ट तैयार कर प्राणघातक चोट लिखने की एवज में दो हजार लिए। इसके बाद डॉ. मीणा ने परिवादी के पड़ोसी जाबिद हुसैन के मोबाइल पर कॉल कर शराब की बोतल की मांग की। इस पर परिवादी व पड़ोसी जाबिद हुसैन वापस डॉ. मीणा के पास गए तो उसने शराब की बोतल की मांग की। साथ ही शराब की बोतल के लिए एक हजार रुपए और ले लिए, लेकिन शक होने पर उसने और रुपयों की मांग नहीं की।
डीएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मिली थी। इस पर उसे 22 मार्च को उपस्थित होने का नोटिस भेजा गया था। डॉ. मीणा तब से ही फरार चल रहा था।
