बूंदी में अनैतिक देह व्यापार से अर्जित होटल संचालक की 12 करोड़ रुपए की सम्पत्ति कुर्क, राजस्थान में पहली बार बीएनएस की धारा 107 के तहत बूंदी पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई
एनसीआई@जयपुर/बूंदी
बूंदी पुलिस ने संगठित अपराध और अपराधियों के गठजोड़ को तोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाया है। नवीन आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 का प्रयोग करते हुए पुलिस ने एक होटल संचालक द्वारा अनैतिक देह व्यापार से अर्जित 12 करोड़ रुपए की अवैध सम्पत्ति कुर्क कर दी है।
पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा के सुपरविजन में चलाए गए इस अभियान के तहत सदर थाना एसएचओ रमेश चंद आर्य और उनकी टीम ने यह कार्रवाई की।
तंगहाली से विलासिता तक का सफर
आरोपी होटल संचालक बनवारी शेखर बैरवा का जन्म बूंदी के झुंवासा गांव के एक मेहनतकश मजदूर परिवार में हुआ था। वर्ष 2004 में वह काम की तलाश में कोटा चला गया। वहां उसने अमर पंजाबी होटल में खाना बनाने का काम सीखा। कुछ साल बाद बेहतर अवसर की तलाश में इंदौर का रुख किया, लेकिन साल 2013 में वह वापस बूंदी आकर ढाबा व्यवसाय से जुड़ गया। मेहनत की जगह जल्द पैसा कमाने के लालच ने उसे अनैतिक देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया। इस अवैध धंधे से उसने निरंतर अवैध सम्पत्ति का अर्जन शुरू किया, जिसने उसे कुछ ही वर्षों में झुग्गी से आलीशान बहुमंजिला होटल और लक्जरी कारों तक पहुंचा दिया। बनवारी शेखर ने अनैतिक कमाई से ही एयर कंडिशंड घर में रहना, महंगे कपड़े पहनना और विलासितापूर्ण जीवन व्यतीत करना आरम्भ कर दिया।

होटल की आड़ में चलता था अवैध धंधा
थानाधिकारी रमेश चन्द आर्य के नेतृत्व में सदर थाना पुलिस ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी बनवारी शेखर बैरवा (36) और उसकी पत्नी किरण वेलकम होटल के संचालक हैं। साल 2015 में उसने रामगंज बालाजी में वेलकम ढाबा किराए पर लिया। इसी दौरान उसने रात्रि में आने वाले शराबी और अय्याश किस्म के व्यक्तियों को लड़कियां उपलब्ध कराना शुरू कर दिया, जिससे उसकी अवैध आय में जबरदस्त वृद्धि हुई।
इस अवैध आय के बल पर बनवारी शेखर ने वेलकम नाम से आलीशान रेस्टोरेंट और होटल का निर्माण किया। इसमें तहखाने के रूप में अंडर ग्राउंड कमरे बनवाए गए थे, ताकि बाहरी व्यक्ति बिना उसकी इजाजत के वहां न जा सके। बनवारी ने वेश्यावृत्ति के इस अवैध धंधे को आय का नियमित साधन बना लिया और आसपास तथा बाहर के राज्यों से लड़कियां मंगवाकर बड़े स्तर पर अनैतिक देह व्यापार करने लगा।
अवैध कमाई से उसने स्वयं और पत्नी किरण के नाम पर दो लक्जरी कारें, तीन मोटर साइकिलें, रामगंज बालाजी में आलीशान बहुमंजिला मकान और नेशनल हाईवे पर एक होटल सहित करोड़ों की कृषि भूमि और व्यावसायिक प्लॉट खरीदे। साथ ही, उसके और पत्नी के बैंक खातों में करोड़ों रुपयों का लेनदेन भी पुलिस को मिला है।
यहां उल्लेखनीय है कि मार्च 2025 में एक हत्या के बाद होटल वेलकम के नेशनल हाईवे 52 की सीमा में आ रहे अवैध निर्माण को ढहा दिया गया था। प्रशासन ने कहा था कि वे राजस्व भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए अगले चरणों में कार्रवाई करेंगे।
कई गम्भीर प्रकरणों में रहा शामिल
बनवारी शेखर पर हत्या, मारपीट, अनैतिक देह व्यापार और अन्य अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस कार्रवाई के बावजूद उसने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा और लगातार अपने नेटवर्क को बढ़ाता रहा।
न्यायालय के आदेश पर कुर्क हुई सम्पत्ति
थानाधिकारी रमेश चंद आर्य ने राजस्व, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग से बनवारी शेखर की सभी चल व अचल सम्पत्तियों (कारें, मोटर साइकिलों, बैंक बैलेंस, कृषि/आवासीय/व्यावसायिक भूमि) का रिकॉर्ड और मूल्यांकन जुटाया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के मार्फत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बूंदी के समक्ष प्रार्थना पत्र पेश किया। इसके बाद न्यायालय ने बनवारी शेखर और उसकी पत्नी की 12 करोड़ रुपए की सम्पत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी किया।
एसपी राजेन्द्र कुमार मीणा ने कहा कि बूंदी पुलिस का उद्देश्य अपराध की जड़ तक पहुंचना और उसे खत्म करना है। अपराधियों के अवैध तरीके से अर्जित सम्पत्ति पर ऐसी सख्त कार्रवाई से अपराधों पर लगाम लगेगी। यह कार्रवाई आम जन में विश्वास और अपराधियों में भय के पुलिस ध्येय को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है, और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
