बूंदी: बारात आने वाली थी, प्रशासन ने कुछ देर पहले रुकवा दिया विवाह, जानें क्या था कारण
एनसीआई@बूंदी
जिले के हिंडोली क्षेत्र में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग लड़की का विवाह (बाल विवाह) रुकवा दिया। प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।
मामले के अनुसार, जयपुर कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि बूंदी जिले के हिंडौली के एक गांव में एक नाबालिग लड़की का विवाह किया जा रहा है। इसके बाद बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हुकमचंद जाजौरिया के निर्देश पर 1098 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इसमें जिला समन्वयक रामनारायण गुर्जर और केस वर्कर अर्चना मीणा शामिल थीं। टीम ने पाया कि वहां बालिका के विवाह की तैयारियां चल रही थीं। बारात शाम 4 बजे आने वाली थी। विद्यालय से बालिका की आयु का सत्यापन किया गया। इसमें उसकी उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई।
परिजन शादी रोकने को नहीं थे तैयार
इस जानकारी के बाद बाल विवाह कंट्रोल रूम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी हिंडोली और थानाधिकारी सहदेव मीणा को सूचित किया गया। कुछ ही देर में राजस्व विभाग हिंडोली के कानूनगो धन्नालाल मीणा, पटवारी रूबिना बानो और हिंडोली पुलिस दल भी मौके पर पहुंच गया। टीम 1098 और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह न करने के लिए समझाने की कोशिश की, मगर परिजन बारात आने की बात कहकर विवाह रोकने को तैयार नहीं हुए।
नाबालिग को बालिका गृह में आश्रय दिया
बाल विवाह की आशंका को देखते हुए टीम ने पुलिस के सहयोग से बालिका को थाने पहुंचाया। वहां जनरल डायरी में बाल विवाह की सूचना दर्ज की। इसके बाद बालिका को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पौद्दार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के आदेश पर बालिका को तेजस्विनी बालिका गृह में अस्थायी आश्रय दिया गया है।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसे दंडनीय अपराध को रोकने के लिए किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत 1098 पर दें, ताकि बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।
