राजस्थान: सुबह-सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल गया गांव, गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर सहित दो बदमाशों की मौत, ग्रामीणों ने दो बदमाशों को पकड़ की पिटाई
झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ उपखंड में शुक्रवार सुबह खूनी गैंगवार ने पूरे इलाके को दहला दिया। गोठड़ा थाना क्षेत्र के खिरोड़ गांव में हुई इस वारदात में दो कुख्यात बदमाश हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ रविकांत उर्फ गोलू स्वामी और सुनील सुंडा की मौत हो गई।
एनसीआई@झुंझुनूं
जिले के नवलगढ़ उपखंड में शुक्रवार सुबह खूनी गैंगवार ने पूरे इलाके को दहला दिया। गोठड़ा थाना क्षेत्र के खिरोड़ गांव में हुई इस वारदात में दो कुख्यात बदमाश हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ रविकांत उर्फ गोलू स्वामी और सुनील सुंडा की मौत हो गई। जबकि मुख्य विवाद का केंद्र बताया जा रहा हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा गोलीबारी के बाद फरार हो गया। घटना सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने यह घटनाक्रम अपनी आंखों से देखा।
ग्रामीणों के अनुसार सुबह करीब 9 बजे रविंद्र कटेवा अपने घर कैमरी की ढाणी में मौजूद था। उसके साथ सुनील सुंडा भी वहीं बैठा था। तभी एक स्विफ्ट कार आकर रुकी। कार में बैठे हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी और उसके तीन साथी सीधे रविंद्र कटेवा पर फायरिंग करने लगे। अचानक गोलियों की बौछार देख रविंद्र कटेवा नीचे झुककर किसी तरह बच गया।
फिल्मी स्टाइल में चला घटनाक्रम
फायरिंग के बाद हमला करने वाला गैंग तेजी से कार में बैठकर भागने लगा, लेकिन सुनील सुंडा ने गाड़ी का स्टेयरिंग पकड़ लिया और उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कृष्णकांत और उसके साथियों ने सुनील पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह वहीं गिर पड़ा। गंभीर घायल सुनील को बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
हमलावरों की कार हड़बड़ाहट में मुख्य सड़क की बजाय कच्चे रास्ते में चली गई। आगे रास्ता नहीं मिलने पर चारों आरोपी गाड़ी छोड़कर खेतों की तरफ पैदल भागने लगे। यह सूचना मिलते ही रविंद्र कटेवा और उसके कुछ सहयोगी इनके पीछे लग गए। लगभग 3 किलोमीटर दूर तुर्काणी जोहड़ी के पास दोनों गैंग आमने-सामने आ गए। यहां दोबारा फायरिंग हुई, जिसमें कृष्णकांत की मौके पर ही मौत हो गई। उसका शव जमीन पर पड़ा मिला। वारदात के बाद रविंद्र कटेवा फिर से फरार हो गया। वहीं, ग्रामीणों ने भाग रहे दो अन्य बदमाशों पिंटू और राजेन्द्र हटवास को पकड़ लिया। इनकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने इन दोनों को अपने कब्जे में लेकर सीकर रेफर कराया। दोनों से पूछताछ जारी है। इस घटनाक्रम से इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई।

सभी पुलिस अधिकारी पहुंचे मौके पर
सूचना मिलने पर एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय, एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत,नवलगढ़ पुलिस डीएसपी महावीर सिंह, गोठड़ा थाने के सीआई धर्मेंद्र मीणा आदि पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर फोरेंसिक टीम को बुलाया। कृष्णकांत के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रविंद्र कटेवा और कृष्णकांत के बीच पुरानी रंजिश थी या फिर कृष्णकांत किसी सुपारी के तहत रविंद्र को मारने आया था। पुलिस दोनों एंगल पर जांच कर रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों गैंगों के बीच लम्बे समय से विवाद चल रहा था।
पूरे क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने आशंका जताई है कि गैंगवार का सिलसिला किसी पुराने विवाद का हिस्सा हो सकता है, इसलिए गांव में गश्त बढ़ा दी गई है। मामले में गिरफ्तारी और घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने आने में अभी समय लग सकता है।
