February 16, 2026

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साइबर सेल के डीएसपी पर युवक को निजी गाड़ियों से घेर अपहरण करने व 5 लाख रुपए फिरौती मांगने का आरोप, डीएसपी नशे में थे, रिपोर्ट दर्ज

साइबर सेल के डीएसपी पर युवक को निजी गाड़ियों से घेर अपहरण करने व 5 लाख रुपए फिरौती मांगने का आरोप, डीएसपी नशे में थे, रिपोर्ट दर्ज

एनसीआई@चित्तौड़गढ़

चित्तौड़गढ़ में साइबर सेल के डीएसपी की एक कार्रवाई विवादों में आ गई है। दरअसल, डीएसपी और उनके एक साथी पर एक युवक का अपहरण कर फिरौती में 5 लाख रुपए मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित के दोस्त की रिपोर्ट पर सदर थाने में डीएसपी और उनके साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

आरोप है कि डीएसपी ने मंगलवार रात करीब 11 बजे निजी लोगों के साथ डस्टर और बलेनो गाड़ी से स्कूटी सवार दो युवकों को घेर लिया। इनमें से एक युवक के खिलाफ साइबर थाने में मामला दर्ज है। इस युवक के मामले की जांच एसपी ने डीएसपी से छीन ली थी। इससे नाराज डीएसपी ने बीच सड़क पर युवक को घेरकर पकड़ लिया। आरोपी युवक के साथ बैठा युवक कार्रवाई के बाद भागता हुआ सदर थाने पहुंचा, जहां डीएसपी और उसके साथियों के खिलाफ शिकायत सौंपी।

घटनाक्रम के बाद बुधवार को साइबर सेल के डीएसपी गिरिराज गर्ग और उनके साथी अनिल सनाढ्य के खिलाफ सदर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

पीड़ित का आरोप-डस्टर और बलेनो गाड़ी से घेर लिया 

सदर थाने में दर्ज एफआईआर में बताया गया है कि, मंगलवार रात करीब 11 बजे साइबर सेल के डीएसपी गिरिराज गर्ग ने अपनी निजी गाड़ियों डस्टर और बलेनो से हिमांशु माहेश्वरी और उसके साथ स्कूटी पर बैठे मनीष को घेर लिया। आरोप है कि डीएसपी के साथ कुछ निजी लोग भी थे। इसे देख मनीष डर गया और जान बचाकर सदर थाना पुलिस के पास पहुंच शिकायत सौंपी। शिकायत में मनीष ने बताया कि आरोपियों ने हिमांशु माहेश्वरी को जबरन गाड़ी में बैठाया, उससे मारपीट और 5 लाख रुपए मांगे। इस दौरान डीएसपी नशे की हालत में थे।

मामला दर्ज होते ही पुलिस ने हिमांशु की तलाश की। तलाश में सामने आया कि हिमांशु को साइबर थाने ले जाया गया है। वहां से साइबर थाना प्रभारी ठाकराराम उसे सदर थाने लेकर पहुंचे। इसके बाद हिमांशु के दोस्त मनीष की रिपोर्ट पर सदर थाने में डीएसपी गिरिराज गर्ग और अनिल सनाढ्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।

आरोपी को पकड़ने के लिए भेजी थीं गाड़ियां: डीएसपी

डीएसपी गिरिराज गर्ग का कहना है कि हिमांशु माहेश्वरी के खिलाफ साइबर थाने में पहले से एक मामला दर्ज है। ऐसे में उसे पकड़ने के लिए जब उन्होंने थाना प्रभारी से पुलिस गाड़ी भेजने को कहा तो थाना प्रभारी ने मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त अनिल सनाढ्य की निजी गाड़ी से हिमांशु को पकड़ा और साइबर थाना प्रभारी को सौंप दिया।

डीएसपी का आरोप है कि बाद में उन्हीं थाना प्रभारी ने हिमांशु को सदर थाने ले जाकर उनके खिलाफ ही मामला दर्ज करवा दिया। डीएसपी का कहना है कि एसपी ने हिमांशु के केस की जांच उनसे ले ली थी और साइबर थाना प्रभारी ठाकराराम को दी गई थी। डीएसपी का आरोप है कि हिमांशु के मामले में पुलिसकर्मी अपना कर्तव्य ठीक से नहीं निभा रहे हैं, इसलिए उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी।

थाना प्रभारी बोले- मेरे पास हिमांशु की जांच आज आई 

मामले में साइबर थाना प्रभारी ठाकराराम ने बताया- हिमांशु महेश्वरी के खिलाफ साइबर सेल में जो मामला दर्ज है, उसकी जांच पहले डीएसपी गिरिराज गर्ग ही कर रहे थे। उसके बाद यह जांच दिसम्बर महीने के आखिरी में इंस्पेक्टर मधु कंवर को सौंपी गई थी। मेरे पास तो जांच आज आई है और अब आगे जांच की जाएगी। उन्होंने (डीएसपी) ऐसा क्यों कहा मुझे इसका आइडिया नहीं है।

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